Top 10 moral story in hindi : panchatantra ki kahaniya : story

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यह कहानी सभी बेस्ट मोरल स्टोरी हे मुझे उम्मीद हे की आपको यह कहानिया पसंद आएगी। 
इस कहानियो के पात्र सभी काल्पनिक हे परन्तु उस कहानी का मोरल एक दम हमारे रियल लाइफ से मिलता जुलता हे।  

चलिए हम कहानी शुरू करते हे। 


1 -लालच का अंत मौत , जादुई पेड़ moral stories in hindi

यह एक लालची इंसान की कहानी हे , इस कहानी में लालची इंसान अपने लालच में आकर चोरो के सामान को चोरी करता हे ,और चोर लालची इंसान को मोत के घाट उतर देते हे , इस कहानी का मोरल यह हे 

लालच बुरी बला हे। 


इस moral stories in hindi में हम आपको एक जादुई  पेड़ की कहानी सुना रहे है , जिसकी वजह एक इंसान धनी होता है  और लालच के कारण मौत का शिकार बनता है ।
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Moral of new story 

इस कहानी का मोरल भी लालच बुरी बला है । इस कहानी में लालच के कारण अपनी जान गवा दी ।
यह के short moral story in hindi है , मुझे उम्मीद है कि आपको कहानी पसंद आएगी ।
अब कहानी शुरू करते है ।

Moral stories in hindi - लालच का अंत मौत ।

एक गांव में एक लालची इंसान रहता था ,वह इतना लालची था कि जिस बात की हद नही हो सकती ।
एक बार वह गांव से बहार गया था , जिस गांव में वह गया था वहां पर बहुत चोरी होती थी , पर चोरो का कोई पता नही था ।
उस गांव में चोरो को पकड़ने के लिए इनाम भी लगा दिया गया था । पर चोरी काम नही हो रही थी ।
जब वह लालची इंसान उस गांव से घर आ रहा था तो उसने एक पेड़ के नीचे रुकने का सोचा ।

लालची इंसान तुरंत पास खड़े बरगद के पेड़ के नीचे आराम करने लगा ।
उसकी आंख लगने वाली थी , की उसने एक आवाज सुनी । वह डर गया ।

उसने इधर उधर देखा कोई नही था ।फिर उसने डर पर काबू किया, ओर सो गया ।
फिर से आवाज आई , वह आवाज पेड़ से आ रही थी ।वह डर गया ।उसे लगा कि यह पेड़ जादुई है ।
पर वह चुप चाप आवाज सुनता रहा । जब वह आवाज बंद हुई तो उसने पेड़ को देखना शुरू की , उस पेड़ पर एक छेद था ।

ओर आवाज पेड़ के नीचे गुफा से आ रही थी , पेड़ में था तो आवाज ऊपर सुनाई दी ।
नीचे गुफा में 5 चोर थे ,वो अपनी चुराई हुई धन राशि की छिपाने की बात कर रहे थे और लालची इंसान ने यह बात सुन ली ।

उसे लालच आया ओर वह उनकी छिपाई गई जगह से धन को ले गया ।

वह लालची इंसान बहुत खुश था क्यो की उसने इतना पैसा आज तक नही देखा था ।
अब उसे इस बात की ओर लत लगने लगी । अब वो रोज जाता और धन उठा लेता।

अब यह बातचोरो तकचली गई कि उनकी चोरी का सामान भी कोई चोरी कर रहा है ।
अब चोरो ने एक प्लान बनाया और यह बात लालची को पता चल गही को धन कहा है।

वह धन चुराने गया , परन्तु वहां कोई धन नही था ।
ओर वहाँ उसे चोरो ने घेर लिया । 



वह चिलाने लगा पर कोई फायदा नही था चोरो ने उसे मार डाला ।


Moral of the hindi moral story

अपने देखा कि कैसे लालची इंसान ने लालच के कारण अपनी जान से हाथ धो दिया । यदि वह जितना है उसमें खुश रहता तो वो अपनी जान न खोता ।

इंसान को लालच नही करना चाहिए । लालच बुरी बात है। 


२ - दिमाग की जंक से जंग । hindi moral stories 
इस hindi moral stories का मकसद आपको एक अच्छा मोरल देना है , ओर आपका मनोरंजन करना है ।
यह एक ऐसे इंसान की कहानी है जिसने अपनी मेहनत से स्वयं को अपने गुरु के सामने सिद्ध किया और एक महान ज्ञानी इंसान बना , ओर अभी का  सम्मान प्राप्त करने के काबिल बना ।
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Moral story in hindi 

इस hindi moral story का मोरल है कि  मेहनत करने वालो की कभी हार नही होती ।
यह एक inspiration in hindi स्टोरी है , ओर इस स्टोरी को पढ़ कर आपको एक अच्छा मोरल मिलेगा , ओर आपको  अपने काम मे अधिक मेहनत करने का जूनून आएगा ।


Hindi moral stories - दिमाग की जंक से जंग

आप इस कहानी का शिर्षक पढ़ कर सोच रहे होंगे कि  इसका नाम इस तरह क्यो रखा गया है , परंतु यह नाम कहानी के अनुसार बिल्कुल उचित लग रहा है ।
यदि आपको कोई और नाम अच्छा लगे तो कमेंट में जरूर बताएं ।हमे आपके जबाब का इंतजार  रहेगा ।

आयेग hindi moral story को शुरू करते है 
 एक गांव में एक लड़का रहता था नवीन वह पढ़ने में इतना तेज नही था ,ओर इसे बात पर उसके सभी गुरु उसे रोज डांट देते थे ।
पर अब इस बात की नवीन को आदत हो चुकी थी ।
जैसे तैसे नवीन ने अपनी  चौथी कक्षा की पढ़ाई पूरी कर दी  , परंतु अब कक्षा 5 में पास होना उसे मुश्किल लग रहा था ।

उसे लग रहा था कि वह फैल हो जाएगा, ओर उसका सोचना सही था, वह फैल हो गया ।

उसके घर वालो ने उसे बहुत डांट दिया , स्कूल में भी बहुत डांट पड़ी ।
अब दूसरा साल था , ओर अभी भी नवीन की स्थिति सही नही थी इस साल भी उसका पास होना मुश्किल था । और अब वह दूसरे साल भी फैल हो गया ।

उसके पिताजी किसान थे वह नवीन को पढ़ा नही सकते है , इसी लिए उसके पिता ने उसे भी मजबूरी में लगाने का फैसला किया ।

परंतु नवीन की माता चाहती थी कि नवीन पढ़े और अपना जीवन सुधार ले , परन्तु वह रोने के सिवाय कुछ नही कर सकती थी । और वह रोने लगीं और बोली बेटा की तेरे दिमाग मे जंक लग गया है ।
तुम अपनी आर्थिक स्थिति को देख कर भी नही संभाल रहे हो , ओर रोने लगी ।

नवीन अपने माता को बहुत प्यार करता था , ओर उससे यह देखा नही गया कि उसकी माँ उसकी वजह से रो रही है ।

उसका दिमाक ने काम करना बंद कर दिया ,वह कुछ नही  समझ पाया और उसने एक उपाय निकाला मौत ।

वह दौड़ कर कुएं के सामने गया और कुए में कूदने की सोची , पर उसने  एक अजीब चीज देखी , ओर उस दिन के बाद उसका अपने काम  के प्रति रुचि बढ़ गई ।

कुए में इस क्या था ?
कुएं में जिस स्थान पर से पानी निकाल रहे थे उस स्थान पर रस्सी के बार बार घिसने से निशान पर गये थे ।

कुँए की दीवाल मजबूर पत्थर से बनी थी परंतु एक मुलायाम रस्सी के बार बार घिसने से उसपर निशान पड़ गए ।

तब नवीन ने सोचा कि जब रस्सी से पत्थर पर निशान पड सकते है , तो मेरे दिमाक में ऐसा क्या जंक लग गया जो में नही पढ़ सकता , ओर में क्यो पास नही हो सकता ।
अब नवीन की जंग उसके दिमाक की जंक के साथ थी ।

नवीन जल्दी घर गया और अपने पिताजी को मनाने लगा, उसके पिताजी आसानी से मनाने वाले नही थे , परंतु उसने पिताजी के पैर पकड़ लिए तब पिताजी का दिल द्रवित हो गया ।
दूसरे दिन नवीन स्कूल गया , पर उसे कक्षा में बैठने नही दिया , वह बाहर ही गुरुजी का इंतजआर करने लगा पर उसे गुरुजी नही मिले । 
परंतु गुरुजी की उसपर सुबह को ही नजर पड़ गई थी ।


सभी है उसे लज्जित किया कि तेरे बस का पढना लिखना नही है , तेरे दिमाक में जंग लग गई है तू मजदूरी कर ।
नवीन किसी की नही सुन रहा था बस एक बात पर अड़ा था कि मुझे गुरुजी से मिलना है ।
छुट्टी के समय गुरुजी ने उसे बुलाय ओर कहा कि अब की रह गया है , तो नवीन बोलै गुरुजी कृपया मुझे एक मौका दे ।

में पढ़ना चाहता हूं में बहुत मेहनत करूँगा ओर जरूर पास हो जाऊंगा ।
फिर गुरुजी बोले कि ऐसा कैसे करोगे तुम , तो नवीन बोलै जैसे एक कुआ में एक मुलायम रस्सी से पत्थर पर निशान पड़ जाते है , तो क्या में बुद्धि इतनी जड़ है जो में पढ़ न सकू ।

गुरुजी बहुत प्रभवित हुए । और उसे फिर से कक्षा में स्थान दिया ।
अब नवीन रोज मेहनत करने लगा दिनरात , ओर इस साल वह पहले नम्बर से कक्षा में पास हुया ।

सभी लोग सोचने लगे कि यह इतना तेज कैसे हो गया , पर अब सभी की बोलती बंद है ।
ओर नवीन कभी भी फैल नही हुआ और अपने परिवार का सिर ऊंचा किया ।
 आगे चलकर वह एक डॉक्टर बना और अपने परिवार की  सारी गरीबी दूर की ।

Moral of the hindi stories

इस कहानी का मोरल आपको पता चल ही गया है कि मेहनत करनेवालो की कभी हार नही होती ।
जब नवीन ने मेहनत की तो नवीन अपनी जिंदगी में सफल हुया।

करत करत अभ्यास से जड़मति होए सूजन ।
 इसका अर्थ है कि बार बार प्रयास करने से पत्थर बुद्धि वाले भी , तेज हो जाते है ।

जिस प्रकार नवीन ने मेहनत की उसी प्रकार हमें भी मेहनत करनी चाहिए ।और अपने काम मे सफल होना चाहिए ।






३ - Power quotes - चतुर  खरगोश ने  हाथी को हराया  - quotes story in hindi
इस  Power quotes story in hindi , में एक बुद्धिमान खरगोश ओर हाथी की कहानी है । इसमें एक छोटे से खरगोश का मुकाबला एक घमंडी हाथी से होता है  और छोटा खरगोश ने हाथी का घमंड चूर कर देता है ।

यह कहानी panchtantra ki कहानिया से प्रेरित की गई है। मुझे उम्मीद है कि आपको कहानी पसंद आएगी ।




Power quotes - खरगोश ओर हाथी -moral stories in hindi


एक जंगल मे एक घमंडी हाथी  रहता था , वह बहुत ताकतवर  था , ओर बढ़े शरीर होने की वजह से वह सभी जानवरो के साथ लड़ता ।



सभी को स्वयं से मुकाबला करने के लिए ललकारता , उससे सभी डर जाते थे ।

उसी जंगल मे एक छोटा खरगोश भी रहता था , वह खरगोश बहुत बुद्धिमान था , पूरे जंगल मे उसकी बुद्धिमता के चर्चे थे ।

पर अभी तक खरगोश की मुलाकात , हाथी से नही हुई थी , इसी लिए वह एक दूसरे से अनजान थे ।


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अब एक दिन वह दिन भी आ गया जब , हाथी की खरगोश से मुलाकात हुई ।

खरगोश जंगल मे घूम रहा था ,तभी हाथी ने ,खरगोश का रास्ता रोक , ओर से भी स्वयं से मुकाबला करने के लिए ललकारने लगा ।

पर खरगोश उससे कैसे मुकाबला कर सकता था ,खरगोश थोड़ा डर गया ।

हाथी ने कहा क्यो बच्चे डर गए क्या ।

बुद्धि से कुछ नही होता , शरीर बड़ा तो बड़ा ।

अब खरगोश को लगा कि इसे सबक तो सीखना ही पड़ेगा ।

अब खरगोश ने कहा ठीक है पर हम मुकाबला किस चीज का करेंगे ।

हाथी ने की क्या बात है , तुम मुझसे मुकाबला करना चाहते हो तो जो तुम चाहते हो वह मुकाबला  कर लो ।



Moral support - power quotes

खरगोश ने एक युक्ति बना ली , खरगोश ने कहा पर मेरी एक शर्त है , हाथी बोला केसी शर्त , तो खरगोश बोलै की तुम अपने आंखों में पट्टी बांध कर मुझसे मुकाबला करोगे ।

हाथी मान गया , ओर सस्सी  खींचने का मुकाबला हुए ।

हाथी ने आंखों में पट्टी बांध ली और , रस्सी खींचने लगा ,

हाथी ने सोच छोटा सा खरगोश है इसे तो में ऐसे ही खींच लूंगा , हाथी धीरे धीरे जोर  लगाना शुरू किया , अब रस्सी टाइट होने लग गई ।


इतने में खरगोश ने रस्सी को पेड़ पर बांध दिया ।

अब हाथी पूरा जोर लगाने लग गया , पर खींच नही पाया ।

हाथी ठक कर बैठ गया , खरगोश की जीत हुई , खरगोश ने पेड़ से रस्सी जल्दी से खोल दी , ओर हाथी के सामने आया और बोला तुमने हार मान ली है । अब में जीत चुके हूँ । हाथी का सिर शर्म से झुक गया ।


खरगोश बोला  अब तुम कभी किसी से मुकाबला खेल  लिए नही बोलोगे । हाथी का घमंड चूर हो गया ।और अब वह जंगल छोड़ कर चला गया ।



Power quotes - खरगोश ओर हाथी - moral story in hindi - मोरल ऑफ द story

इस कहानी का मोरल है कि जो इंसान बुद्धिमान है वही सबसे ज्यादा ताकतवर है ।

शरीर नही बुद्धि बड़ी होती है , बुद्धिमानी से इंसान बड़े से बड़े ताकतवर इंसान को भी हरा देता है , इसी लिए अकल बड़ी की   भेस बड़ी कहा जाता है ।





४ - Best Moral stories in hindi 2020 :  जादुई घड़ा फूट गया  : new moral story


इस new moral stories in hindi में एक लालची औरत की कहानी है जिसने अपने लालच मर आकर अपना पापो का घड़ा भर लिया और जब वह भर गया तो उसका अंजाम बहुत बुरा हुआ ।



Moral stories in hindi -पाप का घड़ा ।



गावँ की औरतें अक्सर पानी के लिए घाट पर जाती है ।
ऐसी ही एक गाँव था वहां दो सहेलियां थी ,उनकी शादी हो चुकी थी पर उनका घर सामने ही था । इसी लिए वह दोनों मिलकर पानी ले लिए जाती  थी ।

जब भी समय मिलता दोनो बहुत पुरानी दोस्त थी ,  एक थी राधा , ओर दूसरी सीता  ।

राधा बहुत लालची थी , वह अक्सर लोगो के कीमती चीजो को देख कर लालच करती थीं, सीता एक सुशील लड़की थी , सुंदर , ओर शान्त ।



नदी के किनारे एक बढ़िया रहती थीं ।
उस बुढ़िया को कीमती सामान रखने का बहुत  शोक था , उसके पास बहुत कीमती सामान था । जिसमे से वह  थोड़ा बहुत बेच कर अपना गुजारा कर देती थी ।




वह बुढ़िया लोगो की मदद भी

 करती थी , क्योकि इससे उसे 
 खुशी मिलती थी ।

एक दिन जब दोनों सहेलियां पानी

 लेने जा रही थी , तो उस
 बुढ़िया ने आवाज लगाई , बेटी ।

बेटी की तुम मेरे लिए 

पानी ले आओगे , सीता ने सुना और
 कहा जरूर माता जी ,
 हम आपके लिए  पानी जरूर ले आयंगे ।

तब सीता अपने घड़े में पानी भर कर ले आयी , ओर बुढ़िया को दे दिया ।
बुढ़िया ने कहा बेटा में इसे अंदर तक नही ले जा सकती इसी लिए क्या तुम इसे अंदर ले जाओगे ,

सीता मांन गई और पानी अन्दर ले आयी , जब उन दोनों ने अंदर देखा , तो वह चोंक गये ।

बुढ़िया के कमरे में बहुत कीमती सामान था । और सबसे अच्छा समान था एक सोने की गागर ।

इससे अब राधा को जलन होने लग गई ।
सीता बोली माताजी आपके पास इतना कीमती सामान कैसे है ।

तब बुढिया बोली बेटा उस समान मुझे जमा करने में  खुशी होती है ।
राधा बोली इस खुशी को देख कर तो मुझे भी जलन होने लग गई है ।

तब बुढ़िया बोलू में इसे लोगो को भी देती हूं , इससे मुझे ओर  खुशी होती है ,

तब राधा बोली फिर यह सोने की गागर तुम मुझे दे दो , तो बुढ़िया बोली ओर तुम्हार्रे पास तो गागर है ।

तब राधा मन मे सोच रही थी , की इसका मतलव यह गागर मेरे पास नही होने चाहिए ।

अब वह रात भर उस सोने की गागर कर बारे में सोच रही थीं ।
ओर अब उसने रात को एक युक्ति बना दी ।।

दूसरे दिन वह फिर पानी लेने गये , जब दोनों ने पानी भर लिया तो राधा ने कहा कि तुम मेरी गागर पकड़ोगी ।

तब सीता ने गागर पकड़ ली , ओर राधा ने फिर गिरने का नाटक कर के सीता पर धक्का लगा दिया ,सीता नीचे गिर गई , पानी मे गागर डूब गई और बाह गई ।

अब दोनों  के पास गागर नही थी तब वह बुढ़िया के घर गये ओर उसे बोला माताजी  हमारी गगरी डूब गई  क्या आप हमें अपनी गगरी दोगी ।

बुढिया ने कहा बेटी जो भी पसंद हो वह  गगरी उठा लो , राधा ने  सोने वाली गगरी उठा ली , ओर सीता ने मिट्टी वाली  तांबे की गगरी ले ली ।

अब राधा बहुत खुश थी , वह पानी  लेकर घर आ गई वह बहुत खुश थी ।

अब जैसे ही राधा ने गागर नीचे रखी , गगरी से चीटियां निकलने लग गई ।

वह गगरी जादुई थी । चीटियां राधा पर चढ़ गई, राधा भागने लगे ।
ओर वह बुढिया के घर गई ।
 घर गयाब होचुका था ।तब राधा चिल्लाई ओर बोली माता जी कहा हो आप यह की हो गया ।
वह बुढिया एक परी थी वह सामने आई और बोली यह तुम्हारे कर्मों का फल है ।
तुम्हरे पाप का घड़ा फुट गया है । अब तुम्हे भुगतना पड़ेगा ।

राधा रोने लग गई , चीटियों के काटने से राधा के शरीर पर दाने निकल गये ।

Moral stories in hindi -moral of tha story

इस कहानी का मोरल यह है कि हमे लालच नही करना चाहिए
लालच पाप का कारण है । ओर जब पाप का घड़ा भर जाता है तो उसका  अंजाम बुरा होता है ।
हमे लालच नही करना चाहिए ।


 ५ - Moral stories in hindi -  चतुर ख़रगोश ने  राजा शेर को मार  - new stories 

इस moral stories in hindi में बात हो  रही है  जंगल के राजा की  , जिसने अपने चतुराई ओर  काबिलियत स  जंगल के राजा होने  का खिताब पाया । यह new stories  panchtantra ki kahaniya से प्रेरित है ।


इस new story में एक शेर ने अपनी काबिलियत से बादशाहत   हासिल की , जबकि कई जानवर इस कतार में शामिल थे । ओर शेर ने साबित कर दिए कि बादशाह काबिलीयत  से मिलती है ।

 पर ताकत से ज्यादा ख़तरनाक बुद्धि होती है ,जो किसी भी ताकतवर को मात दे सकती है ।

Moral stories in hindi - जंगल का राजा - new stories


एक जंगल मे  बहुत सारे जानवर रहते थे , वह जानवर रोज आपस मे लगते ओर मर जाते ।

पर उनका कोई मुखिया नही था  उसी लिए वह अपने राज चलाने के लिए एक दूसरे लडते , परंतु   कोई किसी से मात खाता तो कभी , उसी जंगल मे एक बुजुर्ग ,कछुआ था , इस जंगल मे इस  तरह के उपद्रव को देख देख कर  परेसान हो गया।

 उसने सभी जानवरो की कहा कि तुम इसे लड़ कर मर जाओगे , यदि ऐसा होगा तो जंगल मे राज किस पर करोगे ।
सभी ने  उसकी बात सुनी ।

तब कछुए ने कहा कि , हम जंगल मे एक मुकाबला रखेंगे , जो मुकाबला जीतेगा , वही जंगल का राज बनेगा ।

सभी मान गए , तब जंगल के सभी जानवरो को  मुकाबले में न्योता दिया गया ,ओर जंगल के सभी जानवर जमा हो गए ।

सब जंगल पर अपना कब्जा चाहते थे इसी लिए सभी मुकाबला लड़ना चाहते थे ।

तब इसके लिए भी एक युक्ति बनाई गई , जिससे किसी की जान भी न जाये , ओर चुनाव भी हो जाये ।

सभी जानवरो को  अपने अपने प्रतिद्वंदी के सामने खड़ा किया गया ।

अब उन  दोने के सामने उससे भी खतरनाक जानवर को खड़ा किया गया ।
जैसे
 खरगोश - गिलहरी ,   लोमड़ी - सियार ,  जितने वाले के सामने सूअर , पर उनके सामने भेड़िया , ओर इन सभी के सामने हाथी ।


स्पष्ठ बात थी कि  सब  हाथी के बड़े शरीर को देख कर डर गए ,हाथी से छोटे सभि ने हाथी , को बादशाह माना ।

अब फिर जंगल मे मुकाबले की बात की गई , कोई जानवर सामने नही आया , फिर शेर उछाल के सामने आया ।

अब जंग थीं   हाथी ओर  शेर की ।
दोनो में मुकाबला शुरू हुए , ओर देखते देखते खत्म भी हुए   ।

शेर ने एक झपटे में ही हाथी को मार गिराया , ओर जंगल मे एक जोर की दहाड़ मारी ।
सभी शेर को देख कर डर गए , ओर शेर को बाद्शाह घोषित किया ।

अब से जंगल का राजा शेर था ।
जंगल मे फिर से माहौल शांत हो गया ।
 अभी भी कहानी खत्म नही हुई , इस new  moral stories in hindi  का  दूसरा भाग शुरू होता है ।

Moral story in hindi - नई स्टोरी आतंक का अंत



अब इस new moral stories in hindi के दूसरे भाग में , राजा के आतंक का भी अंत होता है जिसे एक बुद्धिमान खरगोश अंजाम देता है ।

चलिए कहानी शुरू करते है ।
अब जब शेर जंगल का राजा बन गया तब शेर ने पूरे जंगल मे कोहराम , आतंक मचा दिया ।
शेर प्रतिदिन अपने शिकार से भी ज्यादा  जानवरो को मार डालता ओर , जानवरों की लाश जंगल मे सड़ती रहती ।

अब सभी जानवर घास खाने वाले भी इस बात से परेशान हो गए और वह इस चीज का अंत चाहते थे ।

उन्हें फिर कछुआ की याद आई ।

अब वह फिर कछुए के पास गए और उसे जंगल की सारी बाते बताई   ।
कछुआ समझ गया , कछुआ ने फिर के एक सभा बुलाने को कहा ।
वहां सभी जानवरो को बुलाया गया ।
उस सभा मे शेर भी आया ।
 तब कछुए ने  शेर के सामने जानवरो की बात  रखी ,
कछुए ने कहा कि जंगल के राजा आप है परंतु आप इस तरह यदि जानवरो को मारते रहोगे तो जंगल मे कोई जानवर नही रहेगा, ओर आपको भूखे मरना पड़ेगा ।

शेर ने सोचा तब कहा कि तुम्हरी बात तो ठीक है , पर उसका उपाय क्या है ।
कछुए ने कहा कि हम जानवरो में से रोज एक एक जानवर आपके पास आएगा , जिससे आपको बिना मेहनत के शिकार भी घर पर मिल  जाएगा , ओर जानवर भी बराबर  रहेंग ।

शेर मान गया ।
दूसरे दिन से जंगल मे सब कुछ ठीक हो गया , काम से कम जानवरो की हत्या होती थी । जंगल बहुत खुश था ।
अब एल दिन खरगोश की बारी आई , खरगोश ड्रर  गया , उसने भागने का फैसला किया परन्तु जानवरो ने उसे  पकड़ कर वापिस भेज दिया ।

खरगोश बहुत चतुर था , उसने बचने के लिए एक युक्ति बनाई ,वह शेर  की गुफा में देर से गया , जब शेर ने उसे देख तो कहा कि , तुम इतनी देर से क्यो आये , ओर तुम इतने छोटे हो , मेरी  भूख का  क्या होगा ।

तब खरगोश ने कहा , महाराज मुझे आपकी भूख की चिंता थी इसी लिए साथ मे एक दूसरे को भी ला रहा थ परंतु रास्ते में आपके जैसे ही शक्तिशाली शेर ने उसे मार डाला ।

में जैसे तैसे बच कर आ गया , शेर को गुस्सा आ गया , शेर ने दहाड़ मारी, ओर कहा चलो कहा है वह , आज उसकी मौत आयी है ।

खरगोश तब शेर को एक कुँए के सामने ले गया , ओर डर कर सामने खड़ा हो गया , तब बोलै की महाराज यदि उसने मुझे देखा तो  मुझे भी मार डालेगा ,ओर में आपका शिकार हूँ ।

शेर को गुस्सा आया उसने झांक कर कुँए में देखा , वहां शेर को उसका प्रतिबिम्ब दिखा ।

शेर ने फिर से  दहाड़ मारी,  तब कुए से भी आवाज आई , शेर को गुस्सा आ गया उसने कुए में  छलांग लगा दी , ओर डूब कर मर गया ।

अब खरगोश की जान बच गई बहुत खुश हुआ , ओर घर आ गया , सभी उसे देख कर डर गए की यह यहां कैसे , तब खरगोश बोला की मेने तुम्हारे राजा को मार डाला अब में तुम्हरा राजा हूँ ।सब जानवर चुप हो गए ।

जंगल मे शांति भरा माहौल फिर से बन गया ।

Moral stories in hindi-moral of the story

राजा बनने के लिए ताकत से साथ बुद्धि होना भी जरूरी है ,ओर जिस इंसान के पास ताकत है उसके पास उसके नियंत्रण होना भी जरूरी है ,

यदि इंसांन बुद्धिमान है तो वह सबसे ताकतवर है , बुद्धि ही इंसान का सबसे बड़ा हतियार है ।



६ -चतुर बन्दर बेबकूफ मगरमच्छ - kahaniya- story in hindi
Kahaniya story in hindi में एक मगरमच्छ के आंसू  की कहानी है जिसमे एक मगरमच्छ अपने दोस्त को फंसाने के लिए झुटे आंसू दिखता है ।
इस story in hindi का मोरल झुटे लोगो से सावधान रहने की सीख देता है ।


Kahaniya-story in hindi-मगरमच्छ के आँसू ।


एक   तलाब के एक मगरमछ ओर उसकी पत्नी रहती थी , मगरमच्छ नदी से मछलिया खा कर  गुजारा करता था ।
उसी तालाब के किनारे एक जामुन का पेड़ था जिसपर एक बंदर जामुन खाता था ।

एक दिन मगरमछ भी जामुन के पेड़ के नीचे चला गया ।
मगरमच्छ की नजर बन्दर पर पड़ी , वह उसे ददेखता रहा ।
तो बन्दर ने कुछ जामुन तोड़ के पानी मे फेंक दिए । जिन्हें मगरमच्छ में खा लिया ।

जामुन बहुत मीठे थे ।
मगरमच्छ वहीं रहा , तब बन्दर ने दोबारा कुछ  जामुन की डाली पानी मे फेंक दी , जिन्ह मगरमच्छ ने उठाया , और पत्नी के लिए ले गया ।

मगरमच्छ की पत्नी ने जब जामुन खाये वो बहुत खुश हो गई ।

अब मगरमच्छ रोज  जामुन के पेड़ के नीचे जाने लगा , ऐसे करके बन्दर में ओर मगरमछ में दोस्ती हो गई ।

रोज मगरमछ अपनी पत्नी के लिए जामुन ले जाता था ।
एक दिन मगरमछ की पत्नी बोली कि जब तुम्हारे दोस्त के दिये जामुन इतने मीठे है तो उसका कलेजा कितना मीठा होगा ।

आप उसे भी लाना हम उसका कलेजा खाएंगे ।
मगरमच्छ कुछ नही समझ पाया ।अब वह चला गया , उसने जामुन खाये  , ओर बंदर को बोला कि दोस्त तुम मुझे इतना जामुन खिला देते हो में भी तुम्हारे लिए कुछ करना चाहते हूँ ।

बंदर ने कहा में मछलिया नही खाता परंतु तुम मुझे पानी मे अपनी पीठ में घुमा सकते हो ।

मगरमच्छ मान गया , ओर अब बन्दर को  अपनी पीठ में बैठा कर पानी मे ले गया ।

अब मगरमच्छ उसे गहरे पानी मे ले जाने लगा ,बंदर ने कहा दोस्त में पानी मे नही आ सकता , तो मगरमच्छ बोला दोस्त मुझे माफ़ कर दो , मेरी पत्नी तुम्हारा कलेजा खाना चाहती है ।

बन्दर डर गया परंतु  उसने दिमाक से काम लिया , उसने बोला दोस्त तुमने मुझे पहले क्यो नही कहा , मेने तो अपना कलेजा  पेड़ पर रख दिया था ।

मगरमच्छ ने कहा ऐसा कैसे हो सकता है ,  तो बन्दर ने कहा कहीं मेरा कलेजा भीग न जाये इसी लिए , मेने उसे पेड़ पर रख दिया ।

मगरमच्छ में कहा चलो हम लेकर आते है तब चलेंगे ।
बन्दर मान गया ।

जैसे ही बन्दर किनारे आया तो पेड़ पर चढ़ गया ।
ऒर अपनी जान बचने के लिए दुआ की ।
।मगरमच्छ ने कहा चली दोस्त , तो बन्दर ने कहा मूर्ख मगरमच्छ , कोई अपना कलेजा कैसे बहार निकाल सकता है ।

तुमने अपनी पत्नी के कहने पर मूर्खता दिखाई और हमारी दोस्ती तोड़ दी ।
अगर तुम अच्छे इंसान होते तो तुम अपनी पत्नी को समझते , परंतु तुम मूर्ख हो ,तुमने अपनी मूर्खता से  दोस्ती तोड़ी है ।

मगरमच्छ रोने लग गया और आंसू निकालने लग गया ,परन्तु बन्दर समझ गया कि यह मुझे फसा रहा है तो बन्दर  जल्दी से दूसरी डाली पर छलांग मार कर वहां से भाग गया ।


Kahaniya-story in hindi - moral of the stories

इस कहानी हमे सिख मिलती है कि हमे हमेशा बुद्धि से काम लेनाचाहिए , यदि बन्दर बुद्धि से काम  नही लेता तो वह मर चुका होता ।

बन्दर ने बुद्धि से काम लिया और भाग निकला ।
दूसरा मोरल है कि  हमे अपनी दुश्मन  के आंसुओ पर तक विश्वास नही करना चाहिए , क्यो की वह आसुओ को चलते हमे फसा कर हानि  कर सकते है।
इसी लिए मगरमच्छ के आंसू कहा जाता है ।

७- Panchtantra ki kahaniya - धैर्य से जान बचाई 

यह kahaniya , moral stories in hindi की है , इस कहानी में एक मेहनती लड़का एक एक बूंद को जमा कर के खुद को जंगल मे सुरिक्षित कर्  लिया ।

तब से यह मोरल है कि बूंद बूंद से घड़ा भरता है ।


Panchtantra ki kahaniya -बूंद बूंद से घड़ा भारत है 


नाम से आपको पता चल गया होगा कि इस कहानी में कई हुए होगा , जी है एक कहानी में एक लड़का जंगल मे पानी की तलाश में भटक रहा था उसे कहीं पानी नही मिला फिर उसने एक  पहाड़ पर एक पत्थर पर पानी की बूंद देखी , ओर से अपने मटके में भरना शुरू किया ।

तो चलिए kahaniya शुरू करते है ।

एक गाव में एक मेहनती लड़का श्याम रहता था , वह बहुत मेहनती था । उसके परिवार मुख्य रुप से शिकार पर निर्भर था , या फिर वे जंगल मे फल , ओर कंद खाते है ।

श्याम का जीवन बहुत असुरक्षित था क्योकि कभी वह शिकार कर पाते तो कभी नही

गर्मियों का समय था ,श्याम ओर उसकी टोली शिकार ओर पानी की तलाश में गई ।

एक हिरण के पीछे बहुत दौड़ने के बाद भी उन्हें सफलता नही मिली ।
वे घर से बहुत दूर आ गए थे, ओर साथ ही साथ  उन्हे प्यास लगने लगे गई ।

उनके पास घड़ा था , परन्तु पानी खत्म हो गया था ।और वे प्यास से तड़प रहे थे ।
वे इधर उधर भटकने लगे पर गर्मी की वजहसे सारे पानी के स्रोत सुख गये थे ।
अब पानी मिलना बिल्कुल असंभव लग रहा था ।
फिर वह एक पहाड़ की तलहटी में गये वहाँ थोड़ी मिट्टी गीली थी पर पानी नही ।

वे थक कर वापिस जाने लगे परंतु श्याम को दीवार पर से एक बूंद टपकती दिखी ।
उसने सोचा इतने दूर आकर खाली हाथ जाना सही नही है ।
उसने कहा तुम लोग तब कर खाने के लिए जड़ , कंद फलो का वयवस्था करो में पानी लाता हूँ ।

वे सभी चले गए ।
श्याम ने एक पेड़ के पत्ती के सहारे पानी को धार दी और वह एक एक टपकती बूंद को  मटके में मोड़ दिया । थोड़ी देर में वह मटका भर गया ।

तब तक ओर भी टोली भोजन लेकर आ गई  वो मटके को भरा देख खुश हो गए ।

तब उन्हें पता चला कि बूंद बूंद से ही घड़ा भरता है , ओर बूंद बूंद से ही साग़र बनता है ।
उन सभी ने पानी से प्यास बुझाई , ओर कुछ खाया , ओर बाकी पानी और भोजन लेकर घर चले गए ।

Panchtantra ki kahaniya -moral of the stories 


इस कहानी में श्याम ने अपने सूझ बूझ से एक एक बूंद से घड़ा भर दिया ।
इस कहानी का मोरल यह है कि बूंद बूंद से घड़ा भरता है , अगर यदि वह उस बूंद पर विश्वास न करते तो वह प्यास से मर जाते ।

इसका मूल अर्थ है कि इंसान की छोटी छोटी मेहनत ही  इंसान को बड़ा और महान , सफल करती है ।
बस उस सफलता तक जाने के लिए हमे धैर्य होना चाहिए ।

८ - लकड़ी की ताकत मिलाकर एक किया - moral stories in hindi
इस small moral stories in hindi में यह कहानी 3 भाईयो की है , जिन्होंने 
अपनी एकता की ताकत को पहनकर अपनी सभी मुसीबतो को दूर भगा दिया ।
 इस new stories में तीन भाइयों को मिला के एक कर देने की  बात हुई है ।

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यह स्टोरी हमे मिलकर रहना और मिलकर काम करना सीख देती है ।


moral stories in hindi एकता में ताकत होती है ।

एक गावँ में एक किसान था उसके 3 बेटे थे , उसके तीनो बेटी में  बिल्कुल नही बनती थी ।

ओर किसान इस बात सर बहुत खफा था 
कि कैसे वह इन तीनो को मिला कर एक कर दे ।

राजेश , रवि , महेश , तीनो हमेसा आपस मे झगड़ा करते है ।
 किसी भी काम को मिलकर नही करते थे ।

जब कोई एक किसी काम को करता तो दो 
उसपर हँसते ओर जब दूसरा करता तो फिर दो उसपर हँसते ।

परंतु उस काम को कभी मिलकर नही करते ।
पर यह भी एक दिन खत्म होना था , ओर इसी 
दिन का किसान को इतंजार था ।अब वह दिन एक दिन आने वाला था ।
सर्दियों का समय था , बर्फ पड़ने लगी , चारो तरफ 10फुट ऊंची बर्फ पड़ गई , घरो से निकलना मुश्किल हो गया ।

कभी किसान का एक बेटा दरवाजा तोड़ने की कोशिस करता तो कभी दूसरा बेटा दरवाजे को तोड़ने की कोशिश करता , पर दरवाजा जाम हो गया था क्यो की बहार से बर्फ पड़ी थी ।
तीनो ने मिलकर बिल्कुल जोर नही मार ।

तब किसान उन्हें देख कर हँसने लग गया । तीनो बेटे परेसान हो गए कि पिताजी हस क्यो रहे है ।
तब महेश बोला पिताजी क्या हुआ आप हस क्यो रहें है ।

तब पिताजी ने एक बात कही बेटा , एकता में बल है ।
महेश चुप हो गया उसकी समझ मे कुछ नही आया ।

अब किसान ने उन तीनों को कहा कि बेटा एक एक लकड़ी हाथ मे लो ओ उसे तोड़ो क्या होता है ।
तीनो ने ऐसा ही किया लकड़ी टूट गई ।
फिर  किसान ने कहा अब दूसरी बार मे 2 लकड़ी उठाओ ओर उसे तोड़ो ।

फिर तीनो ने ऐसा ही किया और थोड़ी ताकत लगाने पर लकड़ी टूट गई ।

अब किसान ने कहा 3 लकड़ी लो और उन्हें तोड़ो , तीनों ने ऐसा ही किया पर कोई भी लकड़ीयो को तोड़ नही सका ।

अब तीनो बेटे समझ गये की यह एकता है , ओर एकता में ताकत है ।
अब उस एकता की ताकत आजमाने की बारी थी । तीनो ने मिलकर एक लकड़ी को दरवाजे पर फसा कर जोर लगा दिया ।

अब दरवाजा टूट कर गिर गया ।अभी भी बर्फ का ढेर लग रखा था ।, अब तीनो ने बर्फ को खोदना शुरू किया और जल्द सभी बाहर आ गए ।
अब सभी समझ गए कि एकता की है और एकता में बल है ।

उसी दिन कस किसान को इतंजार था  अब किसान के सभी बेटे मिलकर काम करने लगे और सफल हुए ।

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इस moral story in hindi का मोरल है कि एकता में बल है , यदि आप मिलकर काम कर रहे है तो कोई भी आपको हरा नही सकता, परन्तु आप यदि अलग अलग काम कर रहे है तो आप हार जायँगे ।

इसी लिए मिलकर रहना चाहिए , क्यो की एकता में बल है ।

९ - काटना छोड़ो   डरना नही : hindi story for kids

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इस hindi story for kids me हम आपको एक ऐसी कहानी बताने जा रहे है जिसमे किसी एक जीव के छोटे बदलाव ने उसे मौत के मुह में डाल दिया ।

अक्सर जब हम अपनी किसी आदत की छोड़ देते है तो लोग हमें बेबकूफ ओर मूर्ख समझने लग जाते है । 

इस moral story in hindi में हम आपको ऐसे ही नाग की कहानियां बताने वाले है जिसमे नाग की एक आदत छोड़ देने से वो मौत के सामने चला गया ।

काटना छोड़ो   डरना नही : hindi story for kids 

एक जंगल में एक नाग रहता था उसका  डर पूरे गांव में  था सभी उसकी  नाम सुन कर भी डर जाते थे ।

लोग उस जंगल मे जाने आए पहले 100बारसोचते थे ।
क्यो की वो नाग जब भी किसी को देखता तो उसे काटने को दौड़ जाता , इसी वजह से लोग उस जंगल की ओर जाते भी नही थे ।

एक बार उस गांव  में भगवान गौतम बुद्ध आये , ओर जब उन्हें यह बात पता चली तो वह इस बात का समाधान करने जंगल मे चले गये ।

वहां जब नाग ने उन्हें डसने की कोशिस की तो उन्होंने प्यार से  नाग को देख , जब नाग ने देखा कि  यह डर नही रहे है तो , उसने पूछा आप कोन है और यहां क्यो आये हो ।

तब भगवान गौतम बुद्ध ने कहा कि में गौतम बुद्ध हूं  और में यहां अपना एक विचार रखने आया हूँ ।

तो नाग बोलै बताये में क्या कर सकता हूँ तो गौतम बुद्ध नेकहा की तुम लोगो को काटना छोड़ दो , वो लोग तुम्हारी वजह से  डर रहे है और जंगल मे नही आते ।

नाग उनकी बात मान गया और उसने लोगो को डसना छोड़ दिया ।

कुछ महीनों बाद  लोगों ने नाग से डरना छोड़ दिया ।

फिर एकदिन जंगल मे लोगो को नाग नजर आया, उन्होंने उसपर पत्थर मारने शुरू कर दिए । नाग भाग कर झाड़ियो में छिप गया ।

लोग उसपर तब भी पत्थरमार रहे थे ।
उसी समय वहां पर भगवान गौतम बुद्ध आये । उन्होने लोगो को रोका ।

भगवान गौतम बुद्ध नाग के सामने गए , नाग ने उनसे पूछा कि भगवान मेने आपका कहा माना और मुझे ये दिन देखना पड़ गया ।

तब भगवान ने बोला ,मेने तुम्हें डसने को मना किया था , डराने को नही ।

यदि तुम डरना छोड़ दोगे तो लोग तुम्हें मार डालेंगे । तुम अपने उतना डर बनाये रखो  जिससे तुम बिन तकलीफ़ के जी सको ।

नाग समझ गया ।

अगले दिन जब लोग आए उनसे लोगो को डरा दिया जिससे उसपर किसी की हमला करने की हिम्मत नही हुई ।

Hindi moral story- moral- conclusion


हमे अपना किसी आदत को इतना नही छोडनाचाहिये की लोग हमे बेबकूफ समझने   लगे और , हमारा बुरा कर डाले ।

अपनी आदत को इतना अपना लो बस जितने में आप आसानी से जिन्दगी जी सके ।
नाग ने डरना छोड़ा तो बात उसकी जान पर आ बनी ।


10 - समुद्र  का पानी खारा क्यो  moral stories in hindi
आज हम आपके एक ऐसी कहानी बताने वाले है जिसमे एक  इंसान के लोभ ने उसे मौत के मुंह मे डाल दिया ।
Moral story in hindi का moral है कि चोरी करना बुरी बात है , ओर लालच बुरी बला है ।

इस कहानी के पात्र काल्पनिक है , यह कहानी मनोरंजन मात्र लिखी गई है ।

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Moral story in hindi - समुद्र का पानी खरा


एक गांव में दो लकड़हारे रहते है , एक  बहुत धनी था और एक गरीब ।

 दोनो का रोजगार भी एक था , परंतु दोनो की संपत्ति में जमीन आसमान का अंतर था ।

रघु , ओर  महेश

रघु गरीब था , पर ईमानदार और सच्चाई का साथ देने वाला इंसान ।

महेश , चापलूस ओर झूट बोलने वाला इंसान था इसी वजह से झूठ बोल बोल कर महेश है बड़ी सम्पति बना दी थी ।


रघु ईमानदार था इसी लिए वह इतना कमा लेता था कि घर का गुजारा चला सके ।


दीवाली का समय था ।सभी लोग घरों को सजाने के लिए समान खरीद रहे थे परंतु रघु को आपने पेट भरने के लिए खाना मिल जाये , वो ही बहुत था ।


दूसरे दिन ही वो सुबह निकल गया , अपनी लकड़ीया बेचने पर एक भी लकड़ी का बंडल नही बिक ।

वो थक हार कर एक चौराहे पर बैठ गया ।
तब उसकी किस्मत बदल गई ।

सड़क में एक बोना ग़ुज़रा , उठाने रघु को देख ओर बोला की क्या तुम यह लकड़ीया मुझे दोगे ।


रघु ने राहत भरी सांस ली और बोला कि है बेचने के लिये ही है , तब बोना बोलै की तुम्हें यह बंडल मेरी गुफा तक ले जाना होगा ।

में तुम्हें इसके अलग रुपये दूंगा ।

रघु मान गया और बन्डल उठा के बोन के पिछे जाने लगा ।

थोड़ी देर बाद वो दोनों गुफा में आ गए ।

अब रघु ने बन्डल रखा , तो बोने ने उसे एक चक्की दी , रघु बोला इस चक्की का में क्या करूँगा जब मेरे पास कुछ पीसने को नही है ।


तब बोन ने कहा कि यह एक जादुई चक्की है , उसने चक्की एक कपड़े के ऊपर रखी और कहा 


चक्की चक्की गेहू निकाल , चक्की घूमने लग गई और गेहू निकल गया ।


तब बोन ने लाल रंग का कपड़ा चक्की के ऊपर रखा , ओर चक्की बन्द हो गई ।


रघु खुश हो गया , ओर बोन को धन्यवाद कर चक्की लेकर घर चला गया ।


अभी रघु के घर पर भोजन नही बना था , उसी की प्रतीक्षा हो रही थी । 

रघु को चक्की लाते देख उसकी पत्नी निराश हो गई और अंदर चली गई ।

अब रघु ने चक्की एक कपड़े के ऊपर रखी और कहा कि चक्की चक्की आटा निकाल , चक्की से आटा निकलने लग गया ।


रघु की पत्नी खुश हो गई । आज पहली बार उसके परिवार से पेट भर कर भोजन किया ।


अब यह बात तो तय थी कि उसका परिवार अब कभी भूका नही रहेगा ।


अब वो रोज इस तरह अनाज निकलता ओर कुछ रख लेता ओर कुछ बेच देता ।


इससे वह बड़ी जल्दी बहुत धनी हो गया ।

अब यह बात  महेश को हजम नहीं हुई ,ओर वो उसके घर पर नजर रखने लगा ।

उसे चक्की की बात पता चल गई , ओर महेश ने मौका देखते ही चक्की चूरा दी  , ओर  अपने परिवार के साथ गाँव छोड़ कर भाग गया ।


महेश की पत्नी परेशान थी कि हम अपनी संपत्ति छोड़ कर एक चक्की लेकर कहा जा रहे है । और हम खायंगे क्या ।


तब समंदर में दूर निकल जाने पर महेश ने अपनी पत्नी को चक्की के बारे में बताया ।

उसकी पत्नी को विश्वास नही हुआ , अब उसने दिखाने के लिए चक्की को नाव में रखा और कहा चक्की चक्की नमक  निकाल  ।

नमक निकलने लगा , देखते ही देखते नमक का ढेर लग गया , नाव भारी हो गई ।

महेस ने चक्की को रोकने का तरीका नही देखा था अब उसपर मुसीबत आने वाली थी , अब नाव पूरी भर गई और डूबने लग गई , ओर महेश का पूरा परिवार भी साथ ही डूब गया और मर गया ।।

वह चक्की अभी तक समन्दर में चल रही है जिससे समंदर का पानी खारा है ।



hindi moral stories - स्टोरी  का मोरल


लालच बुरी बला है , महेश में लालच किया और अपनी जान गवा दी साथ मे अपनी परिवार की जान भी ले ली , यदि वह अपनी आमदनी में खुश रहता तो वह जिंदा रहता ।


हमे कभी किसी को खुश देख कर जलन नही करनी चाहिए ,महेश रघु को देख कर जलता था ।



दोस्तो यह कहानी सिर्फ़ मनोरंजन के लिए लिखी गई है और सारेपात्र काल्पनिक है ।





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