love story - प्यार की एक कहानी new stories

pyar ki ek kahani 

यह लव स्टोरी उस जमाने की है जब मोबाइल का निर्माण नही हुआ  था । 
पर इस love story को पढ़ कर अपने प्यार की याद आएगी । यह pyar ki ek kahani
हमने सर्फ कल्पना से लिखी है , कोई भी पत्र वास्तविकता से कोई नाता नही रखता ।


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मुझे उम्मीद है कि आपको यह  pyar ki ek kahani जरूर पसंद आएगी , तो चलिए love story को शुरू करते है ।


Pyar ki ek kahani - new stories in hindi


तो यह बात उस समय की है जब  मोबाइल का निर्माण नही हुआ था , परंतु इंसान जानवरो पर बहुत विश्वास रखता था ।
इस समय मे तो मोबाइल से हम  बाते करते है परंतु उस समय चिट्टी दी जाती थी , जिसमे  हम अपने सारे सवाल जबाव , प्यार भरी बातें सब कुछ लिखते थे ।

अब इस चिट्ठी की पढ़ने वाला भी बदले में  जबाब देता और आने सवाल भी चिट्ठी में लिख करदेता ।
ओर इस चिट्ठी को के जाने वाले होते थे कबूतर ।
अब आते है अहम बात पर ।


School  time love story

यह बात है राहुल के स्कूल के समय की जब राहुल 8 में  पढ़ता था ।बहुत   होशियार ,चतुर लड़का ।और अभी सभी मोह माया से दूर ।
उसी की कक्षा में एक नई लड़की ने नाम दर्ज किया सोनल ।
वह भी काफी तेज थी , ओर बहुत खूबसूरत भी थी ।
जब वो स्कूल में आई तो पहले साल राहुल की
उससे बहुत लड़ाई हुई , परंतु कुछ समय बीत जाने के बाद वह लोग दोस्त बन गए। 

अब यह तय था कि दोस्ती को प्यार से बदलने में समय नही लगेगा ।
ओर ऐसा ही हुया , 
राहुल जो सोनल आए प्यार हो गया ।
जैसे एक अच्छा दोस्त सुब कुछ कर देता है वैसे ही राहुल भी सोनल का सब काम करता था ।
 इस लगता था कि दोनों एक दूसरे के लिए ही बने हो ।

यह तो आप जानते ही होंगे कि जब स्कूल में कुछ ऐसा होता है , 

तो सभी बच्चे चिढाते भी है । बस यह गई हुआ राहुल की स्कूल में, सभी अब सोनल ओर राहुल की एक दूसरे के नाम से चिढ़ाने लगे ।

अब सोनल को इस बात से कोई फर्क नही पड़ता था , क्योकि उसका मानना था कि राहुल उसका एक अच्छा दोस्त है बस ,पर वह भी मन ही मन राहुल की पसंद करती थी ।

अब सोनल के प्यार के बीच मे वही सोच आ जाती है कि लड़का पहले प्यार की इजहार करे , बस इसी वजह से कभी राहुल को बोल नही पाई ।

राहुल भी इसी सोच में था कि कभी सोनल भी उससे प्यार का इजहार करेगी । परंतु इस होना मुश्किल था ।

इस  school love story को पूरा होने के लिए चाहिए था एक मौका  ओर वह मौका भी आया ।

बरसात का समय था , नदी नालों में तेज पानी आ गया था नदी उफान पर थी । 

सोनल जिस राश्ते से स्कूल आती थी उस रास्ते ओर एक नाले में पानी आ गया , जिसे  पार करना हर किसी के लिए आसान नही था ।

सोनल जल्दी स्कूल आती थी इसी लिए अकेली थी , उसने धैर्य रखने की जगह नाले को पार करने की सोची ।
राहुल भी स्कूल आ गया था ,ओर से भी पता था कि नाले में पानी ज्यादा होगा , तो वह पानी देखने नाले के सामने गया ।

जब तक वह जाता सोनल नाले को पार करने की कोशिश कर चुकी थी , ओर वह बहने लग गई । वह चिल्लाई , राहुल ने सुन लिया , राहुल भाग कर वहां गया और देखा कि  सोनल बह रही है , उसे फिर नाले के किनारे नीचे को दौड़ा , जैसे ही सोनल सामने आई राहुल ने  नाले में छलांग लगा दी , राहुल की तैरना भी आता था तो उसने सोनल को पकड़ा और किनारे लेन लग गया ।
सोनल पूरी तरह भीग गई ।

सोनल के जूते , छतरी ,   भी बह गई । राहुल ने सोनल को सही सलामत निकल लिया था ।सोनल का पैर एक पत्थर में लगा था जिससे उसके पैर पर खून निकल रहा था । ।
राहुल सोनल को उठा कर स्कूल ले आया ।


वह दोनों अकेले ही थे तो राहुल बोल पड़ा क्या तुम पावल हो , मुझे आने देते , 
पहले ही आने की की जरूरत थी , अगर तुझे कुछ हो जाता तो मेरा की होगा ।

सोनल हसने लग गई , ओर बोली अच्छा  , मुझसे इतना  प्यार , राहुल बोला जान से ज्यादा ।

तब राहुल बहार गया और कुछ पत्तियां तोड़ कर उसके रस को घाव में डालने लग गया , 

सोनल के पैर पर जलन हो रही थी , परन्तु राहुल ने पैर को सहलाया ओर रस डाला फिर एक कपड़े से बांध दिया ।

अब सोनल राहुल के इस काम से पूरी तरह उसे प्यार करने लगी थी ।


पर school love story कभी पूरी नही होती और बस ये ही सोनल ओर राहुल के बीच मे आया।
10, पास करने के बाद सोनल उस गांव को छोड़ कर चली गई ।


ओर शहर में 11 कई पढ़ाई करने लग गई , शहर दूर नही था पर राहुल  वहाँ नही पढ़ सकता था ।
राहुल के पिताजी किसान थे जिससे वह इतना रुपया खर्च नही कर सकते थे ।

अब सोनल कभी कभी राहुल को चिट्ठी भेज दिया करती थी ,  इससे यह लगता था कि सोनल राहुल को बहुत याद करती है ।

ओर सही मायनों में यही उनका प्यार था , जिसने राहुल को भूल कर किसी ओर को प्यार करने नही दिया। 

अब  कुछ साल बीत गए उनमे ऐसी ही बाते होती थी , परन्तु मिलना कभी नही होता ।

सोनल के पिताजी सोनल  लिए शादी खेल ये लड़का ढूंढने लगे , 

ओर सोनल घर पर यह तक न बोल सकी की में राहुल से शादी करूँगी ।

राहुल इन सभी बातों से बेख़बर था ।  वह गांव  में ही छोटा मोटा काम करने लगा पर मेहनती होने के कारण वह एक सफल इंसान भी था ।

यह बात जब सोनल कर पिताजी को पता चली की सोनल राहुल को प्यार करती है , तब उसके पिताजी ने सोनल को कहा कि यदि तुम राहुल से शादी करना चाहती हो तो उसे कर देना गांव छोड़ दे और कोई सरकारी नोकरी कर ले ।

अब हर किसी के किस्मत में सरकारी नोकरी नही होती ,यह ही उनकी love story का the end था ।
राहुल ने बहुत मेहनत की पर सरकारी नोकरी किस्मत में नही थी ।

किस्मत ने कुछ और ही सोच लिया था ।
अब सोनल ओर राहुल का बात चीत बन्द हो गई , किसी को एक दूसरे का अता पता नही था ।

सोनल की भी शादी हो गई वह उसके पति  एक सिफाही था ।
कुछ साल बीत गए , एक दिन एक हॉस्पिटल में राहुल और सोनल की मुलाकात हुई  ।

सोनल रो रही थी क्यो की उसके पिताजी का स्वास्थ्य खराब था , उनका ऑपरेशन होने वाला था , परंतु रुपये की किल्लत की वजह से ऑपरेशन रोक गया था ।

राहुल ने कहा तेरे पति सरकारी नोकरी करता है तो क्या तुम्हारे पास नही है कि रुपये ।

सोनल ने कहा  मेरे पति के पास रुपये है पर वह मेरे पिताजी के लिए अपनी कमाई नही खर्च करना चाहता , ओर मूझे भी नही आने दे रहा था , पर के चोरी छुपे भाग कर आ गई , अब मुझे डर है कहीं वह यहां न आ जाये ।
राहुल सब बात समझ गया  ,

तब राहुल ने बिना कुछ सोचे समझे , सोनल को 10 लाख रुपये दे दिए , ओर चला गया ।
राहुल को कुछ काम था ।

कुछ दिन बाद वह फिर अस्पताल आया वहां वह सोनल के पिताजी से मिला उन्होंने राहुल को देख कर हाथ जोड़ दिए ।

राहुल ने कहा कोई बात नही , में आपके लिए इतना कर सकता हूं ।

तब सोनल के पिताजी बोले बेटा में गलत था मेने तुम्हारी बेरोजगारी को तुम्हारी नाकामयाबी समझ लिया , पर तुमने सिद्ध कर लिया कि मेहनती लोग बेरोजगार हो या नही स्वयं को  काबिल जरूर बना लेते है ।

ओर इरना कह कर उसके पिताजी रोने लगे ।
उस दिन के बाद राहुल और सोनल की  मुलाकात नही हुईं ।
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राहुल ने गांव में ही अपनी एक नर्सरी खोल दी थी , ओर पूरे राज्य में वह सबसे बड़ी नर्सरी थी सभी जगह पर वहा से ही पौधे सप्लाई किये जाते थे ।

कुछ जमीन पर राहुल ने पॉपुलर के लड़की के लिए पेड़ लगा दिये थे और बाकी उपजाऊ जमीन पर खेती , वह अब पूरी तरह से एक धनी इंसान बन चुका था ।


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 इस कहानी का मोरल यह है कि हमे कभी किसी को नाकाम नही समझना चाहिए , सरकारी जॉब वाल कामयाब ओर बेरोजगार इंसान नाकामियाब नही होता , इंसान की मेहनत इंसान को काबिल बनाती है ।

ओर यदि इंसान के अंदर अच्छा गुण नही है तो वह कामियाब होकर भी नकारा ही रहता है ।

मुझे उम्मीद है कि आपको यह छोटी सी love stroy पसंद आयी होगी ।
यदि स्टोरी पसंद आई हो तो story को लाइक ओर शेअर जसरूर करे ।
यदि आप अपने पसंद की कोई भी moral stories पढना चाहते है तो मोरल को कमेंट में जरूर  बताये हम आपके लिए कहानी जरूर लिखेंगें ।

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