Panchtantra ki kahaniya - धैर्य से जान बचाई

panchtantra ki kahaniya 

यह kahaniya , moral stories in hindi की है , इस कहानी में एक मेहनती लड़का एक एक बूंद को जमा कर के खुद को जंगल मे सुरिक्षित कर्

  लिया ।
तब से यह मोरल है कि बूंद बूंद से घड़ा भरता है ।
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Panchtantra ki kahaniya -बूंद बूंद से घड़ा भारत है 

नाम से आपको पता चल गया होगा कि इस कहानी में कई हुए होगा , जी है एक कहानी में एक लड़का जंगल मे पानी की तलाश में भटक रहा था. 

उसे कहीं पानी नही मिला फिर उसने एक  पहाड़ पर एक पत्थर पर पानी की बूंद देखी , ओर से अपने मटके में भरना शुरू किया ।

तो चलिए kahaniya शुरू करते है ।

एक गाव में एक मेहनती लड़का श्याम रहता था , वह बहुत मेहनती था ।

 उसके परिवार मुख्य रुप से शिकार पर निर्भर था , या फिर वे जंगल मे फल , ओर कंद खाते है ।

श्याम का जीवन बहुत असुरक्षित था क्योकि कभी वह शिकार कर पाते तो कभी नही

गर्मियों का समय था ,श्याम ओर उसकी टोली शिकार ओर पानी की तलाश में गई ।

एक हिरण के पीछे बहुत दौड़ने के बाद भी उन्हें सफलता नही मिली ।
वे घर से बहुत दूर आ गए थे, ओर साथ ही साथ  उन्हे प्यास लगने लगे गई ।

उनके पास घड़ा था , परन्तु पानी खत्म हो गया था ।और वे प्यास से तड़प रहे थे ।


वे इधर उधर भटकने लगे पर गर्मी की वजहसे सारे पानी के स्रोत सुख गये थे ।
अब पानी मिलना बिल्कुल असंभव लग रहा था ।
फिर वह एक पहाड़ की तलहटी में गये वहाँ थोड़ी मिट्टी गीली थी पर पानी नही ।

वे थक कर वापिस जाने लगे परंतु श्याम को दीवार पर से एक बूंद टपकती दिखी ।
उसने सोचा इतने दूर आकर खाली हाथ जाना सही नही है ।
उसने कहा तुम लोग तब कर खाने के लिए जड़ , कंद फलो का वयवस्था करो में पानी लाता हूँ ।

वे सभी चले गए ।
श्याम ने एक पेड़ के पत्ती के सहारे पानी को धार दी और वह एक एक टपकती बूंद को  मटके में मोड़ दिया । थोड़ी देर में वह मटका भर गया ।

तब तक ओर भी टोली भोजन लेकर आ गई  वो मटके को भरा देख खुश हो गए ।

तब उन्हें पता चला कि बूंद बूंद से ही घड़ा भरता है , ओर बूंद बूंद से ही साग़र बनता है ।
उन सभी ने पानी से प्यास बुझाई , ओर कुछ खाया , ओर बाकी पानी और भोजन लेकर घर चले गए ।

Panchtantra ki kahaniya -moral of the stories


इस कहानी में श्याम ने अपने सूझ बूझ से एक एक बूंद से घड़ा भर दिया ।
इस कहानी का मोरल यह है कि बूंद बूंद से घड़ा भरता है , अगर यदि वह उस बूंद पर विश्वास न करते तो वह प्यास से मर जाते ।

इसका मूल अर्थ है कि इंसान की छोटी छोटी मेहनत ही  इंसान को बड़ा और महान , सफल करती है ।

बस उस सफलता तक जाने के लिए हमे धैर्य होना चा हिए ।



मुझे उम्मीद है कि आपको इस panchtantra ki kahaniya पसंद आई होगी ,यदि कहानी पसंद आई हो तो स्टोरी को लाइक ओर शेअर जरूर करे ।
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हम आपके लिए एक new stories जरूर लिखेंगे ।





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