Fairy tales in hindi : कर भला तो हो भला : short moral story in hindi

Fairy tales in hindi कर भला तो हो भला

इस short moral story in hindi में हम आपको एक ऐसी परी की कहानी बताएंगे जिसमे लोगो की  भलाई  करने की वजह से  अपनी जादूई ताक़त खो दी ।
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 परंतु एक साधारण इंसान   की वजह से उसे उसकी ताक़त वापिस मिल गई ।
जो इसका जीत जागता उदाहरण था कि कर भला तो हो भला ।
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Short moral story in hindi कर भला तो हो भला


बच्चो को परियो की कहानी बहुत पसंद होती है । परी के पास जादूई ताकत होती है ।

अब पारी भी दो प्रकार की होती है , अच्छी परी
बुरी परी ।

अच्छी परी लोगो की भलाई करती है हमेसा लोगो के अच्छे के बारे में सोचती है
बुरी परी लोगो को परेशान करती है, ओर हमेसा बुरा करती है ।
यह कहानी एक अच्छी परी की है जिसका नाम था - सुहाना पारी ।

सुहाना परी दिखने में बहुत खूबसूरत थी । वह अक्सर लोगो की मदत करती , दुख को दूर करती , ओर जहां भी जाति वहां खुशियों की बारिश कर देती ।
अब जब अच्छी परी है तो बुरी भी होगी ।

एक थी नताशा , बुरी परी
वो हमेसा लोगों के कामो को खराब कर देती थी , लोगो को डरती, तंग करती , बनते कामो को खराब कर देती थी ।

लोगो को दुखी करना गई उसका पेशा था ।
इसी वजह से सुहाना ओर नताशा की आपस मे नही बनती थी

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अक्शर उन दोनों में लड़ाई होती । और सुहाना जीत जाती , ओर नताशा हार जाती ।

परंतु नताशा अपनी कामो से बाज नही आती थी ।
वो हर दिन लोगी की परेशान करती ।
सुहाना अब परियो की रानी बनाने वाली थी , क्यो की वो एक अच्छी परी थी और सभी का भला चाहती थी।

इसी लिए अभी परियो ने उसे रानी बनाने का निर्णय लिया ।
ओर अब वहां एक बड़ा महोत्सव होने वाला था ।
सुहाना के रानी बनने का महोत्सव ।

इससे नताशा बहुत गुस्सा हो गई । वह रानी बनाना चजती थीं ।
अब उसने सुहाना को मारने का प्लान बनाया । वो कुछ भी कर के उसे मार कर रानी बनाना चाहती थी ।

परी अपनी छड़ी के बिना बहुत कमजोर होती है उनकी सारी ताकत जादुई छड़ी में होती है ।
इसी लिए नताशा ने सुहाना की छड़ी चुराने का फैसला किया ।


महोत्सव के दिन जब सुहाना को रानी बनाया जा रहा था तभी नताशा ने लोगों पर हमला कर दिया ।
नताशा ने लोगो के घरों में आग लगा दी , ओर पूरे गांव में आग लग गई जिसपर काबू कर लेना मुशकिल था ।

अब इसका एक ही इलाज था  ki ,सुहाना अपने पूरी जादू की मदद से बारिश करे , ओर आग बुझा दे ।
परंतु इससे उसकी सारी ताक़तचली जाती ।

अब लोगो के दर्द की देखकर  सुहाना ने ये ही सही समझा।
पर पूरी ताकत  खत्म कर  लोगों की जान बचा ली और खुद भी एक आम इंसान बन गई

यह अब नताशा की सबसे बड़ी जीत थी ,वह अब सबकी रानी बन गई , ओर सभी को परेसान करना शुरू कर दिया । उससे टकराने वाला कोई नही था कोई उसके खिलाफ नही जा सकता था ।
उसमे सभी जगह अपना साम्राज्य फैला दिया ।
अब लोगो को उम्मीद थी एक मशीहा की ।

लोगो की मशीहा तो सिर्फ सुहाना ही थी ।
उसे भी वापिस लाया जा सकता था ।

रानी के बगीचे में एक जादुई सेब का पेड़ था जिसपर से सेब खाकर सुहाना फिर से एक पारी बन जाती ।


पर नताशा के महल में जाना मौत को दावत देना था ।
ओर लोग इस काम को करने से घबरा रहे थे ।


अब उस सभी के बीच से एक नवयुवक निकल कर बीच मे आया और उसने यह काम करने का जिमेदारी ली ।
लोगो ने उसे बहुत डराया । परंतु वह नही डरा । ओर छिपता हब महल में चला गया ।

महल बिल्कुल सुनसान था ,ओर काफी अंधरे होने की वजह से वो आसानी से बगीचे में चल गया ।

अब वहां सेब लाना भी मुश्किल था  क्यो की सेब का पेड़ बहुत बड़ा था जिसपर कोई इंसान नही चढ़ सकता था ।

वह परेसान हो गया कि अब वो सेब कैसे तोड़े , तभी एक सेब टूटकर नीचे गिर ।
उसने युवक ने ऊपर देखा तो वहां पर एक बंदर था । युवक समझ गया कि कर भला तो हो भला ।
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युवक सेब लेकर सुहाना पारी के पास गया ।
सुहाना ने सेब खाया और वो फिर से पारी बन गई । दूसरे दिन जब नताशा के सैनिक लोगो पर जुल्म कर रहे थे तो सुहाना परी आई

 और उनको भगा दिया । फिर सुहाना पारी को देखते ही सभी अच्छी पारी एक जुट हो गई और नताशा पर हमला कर दिया । और  नताशा की जादुई छड़ी तोड़ दी और उसे कैदी बना दिया ।

अब सुहाना परी रानी बनी और सभी लोग खुश हो गए ।
फिर से लोगों की खुशिया वापिश आ गई ।


End - moral of the story : moral of the fairy tales in hindi

सुहाना हमेसा लोगो का भला करती थी इसी लिए अंत मे उसका भी भला हूआ इसी लिए हमे सदा लोगो का भला करना चाहिए ।

जब हम लोगो का भला करते है तो भगवान हमारा भला करता है ।
ओर सच्चाई की सदा जीत होती है ।

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