Moral stories in hindi : जादुई शक्ति की तलाश : hindi fairy tales story

Moral stories in hindi

इस हिंदी कहानी समुद्री लुटेरे कप्तान राका की कहानी का तीसरा भाग है ,  जिसमे कुछ बेईमान लोग  परियों के देश जाकर परी की तकात को  लेना चाहता थे ।
परंतु बुराई का अंत भी बुरा होता है इसी वजह से वह सभी परियों के हाथो मेरे जाते है। 
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यह एक fairy tales in hindi भी है क्योंकि इसमें परियों कि कहानी का जिक्र किया गया है ।
इस hindi story में आखिर कार अच्छाई कि ही जीत , सच्चाई की ही जीत होती है। 

यदि आपने समुद्री लुटेरे की कहानी के पहला ओर दूसरा भाग नहीं पढ़ा तो आप नीचे क्लिक करके उन कहानियों को भी पढ़ सकते है। 

Samudari lutera bhag 4

इस हिंदी कहानी ओर fairy tales in hindi  का मोरल में आपको कहानी के अंत मे बताऊंगा  ओर मुझे उम्मीद है कि आपको यह कहानी बहुत पसंद आएगी ।

Moral story : समुद्री लुटेरा भाग 3

एक बार कप्तान राका को समन्दर के कुछ ओर लुटेरे अपने ड्डेरे पर बुलाते है । समुद्री लुटेरे चाहते थे कि वह बिना किसी मेहनत के ओर बिना किसी खून खराबे के अपनी बची कुची जिंदगी गुजरे ।

इसी मकसद से वह कप्तान राका को अपने जहाज पर आमंत्रित करते है । इस बात को तो सभी जान गए थे कि  कप्तान राका एक मात्र ऐसे इंसान थे मरीन के खजाने से बिना किसी नाव के जिंदा वापिस आ गए ।

और यह बात पूरे समन्दर में गूंज चुकी थी , यह बात जब किसी ओर झुंड के समुद्री लुटेरे को पता चली तो वह कप्तान राका को अपने  मकसद में शामिल करना चाहते थे ।

जब कप्तान राका दूसरे लुटेरे के जहाज पर गए तो वहां उनका बहुत अच्छी तरह से स्वागत हुआ ।
सभी लुटेरे कप्तान राका की बहादुरी , ओर बुद्धिमानी के कायल हो चुके थे ।

लुटेरे के सरदार ने कप्तान राका को बुलाया और  कप्तान राका को अपना मकसद बताया ।

कप्तान राका तो समझ गए थे कि  इसका अंत निश्चित है  । पर वह सरदार का पूरा मकसद जानना चाहता था ।

इसी वजह से वह सरदार से पूरी बात पूछता है ।

तब लुटेरे का सरदार कप्तान राका को अपनी पूरी शाजिश बताता है ।

सरदार कहता है ,  की कप्तान राका जैसे कहानी मरीन के खजाने की है , बिल्कुल वैसे ही एक कहानी परियों के देश की भी है ।

और तुम एकमात्र इसे इंसान है जो हम वहां तक ले जा सकता है बाकी वहां से आने का रास्ता हम खुद ढूंढ लेंगे ।

अब राका पूछता है कि तुम वहां जाकर क्या करोगे ।
तो सरदार कप्तान राका को कहता है कि हम परियों कि जादुई छड़ी , ओर  जादुई शक्ति को पाना चाहते है , जिससे हम अपनी जिंदगी बिना खून खराबे के काट सकते है ।

पर कप्तान राका कहते है की की परी आपको छड़ी देगी , तो सरदार कहता है कि छड़ी को मांगने के लिए हम कोई भिकरी नहीं है , 
हम है लुटेरे , हम छड़ी को छीन लेंगे ओर , वापिस आ जाएंगे ।
यदि कोई रास्ते में आया तो उसे मौत के घाट उतार देंगे ।


कप्तान राका  सफर पर जाने से मना कर देता है ,  तो सभी लुटेरे कप्तान राका के गले में तलवार रख देते है ।
अब सरदार कहता है , सोच ली कप्तान राका मौत के सफर मी जाना है या शक्ति के सफर में ।


यदि तुम हम सभी को वहां ले गए तो हम तुम्हें मुंह मांगा इनाम देंगे। 
कप्तान राका कुछ देर सोचता है ओर बोलता है मंजूर है , हम 2 दिन बाद सफर पर चलना शुरू कर सकते है ।


सभी राका को जाने देते है , पर राका के मन में कुछ ओर ही खिचड़ी पक रही थी  
कप्तान राका को निर्दोष परियों ओर लोगो की चिंता हो रही थी 
पर उसने अपने सारे साथियों को सफर पर जाने के लिए तैयारी कर दिया ।

दूसरे दिन ही सफर शुरू होना था , सारी तैयारी हो चुकी थी , लुटेरे के जहाज में भर कर गोला बारूद , बन्दूक , तलवारे , डाल दी गई ।

राका बेफिक्र था , सुबह हो गईं। सफर था , समन्दर के अंतिम छोर , परियों का देश ।

सभी के मन में डर था , पर कप्तान राका की फैसला सदा सही होता है इसी वजह से सभी तेयार थे ।
राका ने अपना जहाज सबसे आगे लगाया , ओर जादुई नक्शा निकाल लिया  ।


जादुई नक्शा मरीन के खजाने वाले शैतान ने कप्तान राका को दिया था , उस नक्शे में हाथ रख कर यदि आप मन में कुछ सोचो , तो वह  नक्शा आपके वहां जाने के सभी रास्ते ओर रास्ते के खतरे को भी दर्शाता था ।

अब कप्तान राका को खतरों के बारे में भी पता था ओर रास्ते के भी ।

इसी वजह से राका सबसे सरल रास्ते से सभी को परियों के देश ले गए , वहां जाने में लगभग एक सप्ताह लग गया ।

अब लुटेरे की बारी थी कि वह परियों से छड़ी छीन ले ।
लुटेरे हथियारों के साथ देश में घुस गए ।
अब कप्तान राका ने अपने साथियों को कहा कि तुम सभी  इसी जहाज पर रहना , ओर यदि में ना लोटू तो तुम इस रास्ते से चले जाना ।

ओर ध्यान रहे की किसी भी परी कि छड़ी हमारे जहाज पर ना आने पाए ।


सभी बात को समझ गए ओर मान भी गए ।
कप्तान भी छीप कर देश में घुस गया ।


कप्तान ने देखा , परियों का देश अंदर से पूरा जादुई है , कई किलोमीटर की दूरी मात्र एक दरवाजे के  सहारे पार की जा सकती थी ।

कप्तान का मकसद था , की परियों को सचेत किया जाए , इसी वजह से वह रानी परी के पास चला गया , परियों ने उसे देखते ही उसपर हमला कर दिया ।

पर कप्तान राका एक सच्चा इंसान था वह विनम्रता से बस रानी परी से मिलने की जिद पर अड़ा रहा ।


अब सैनिक परी कप्तान राका को  रानी परी के पास ले गए 
कप्तान राका ने रानी को कहा कि रानी आपके देश में इंसानी लुटेरे घुस चुके है ।

और वह आपकी जादुई छड़ी चुराना चाहते है । और यदि उन्हें छड़ी नहीं मिली तो वह  बेकसूर लोगो की मारना शुरू कर देंगे ।
कृपया आप सतर्क रहे ।

रानी ने कहा कि तुम भी तो एक लुटेरे ही , राका ने कहा कि मुझे मजबूर इंसानों की मदद करने का शौक है ना कि लूटपाट ओर खून , मेरा नाम कप्तान राका है ।


रानी हैरान हो गई , रानी ने कहा क्या तुम वह ही कप्तान राका हो जो मरीन के खजाने से जिंदा वापिस लौट कर आया ।

 राका ने कहा कि हा में वो ही हुं ,
रानी को कप्तान राका पर विश्वास हो गया , वह सभी युद्ध के लिए तैयार हो  गए  ।

रानी ने पूरे देश में गुप्तचरों की भेज ,अब लुटेरे ओर परियों में युद्ध शुरू हो गया , चारो ओर घमासान शुरू हो गया ।
लुटेरे ने परियो ओर टोपो के गोली की बारिश करना शुरू कर दिया ।

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कुछ परिया बच निकली पर कुछ मूर्छित हो गई , लुटेरे ने परीयो से छड़ी छीन ली , ओर भागना शुरू किया  । 
लुटेरे ने २ झुंड बनाए ओर अलग अलग दिशा। में भागना शुरू किया  ।
ताकि परियों का ध्यान भटक सके , परियों के जादू का तोड़ भी अब लुटेरे के पास था ।
अब बचते बचाते लुटेरे अपने जहाज पर आ गए ।


और सभी भाग खड़े हुए , पर लुटेरे एक परी को मारकर उसकी छड़ी चुरा चुके थे , परी बहुत गुस्सा थी , वह अपने देश से बाहर जाकर लुटेरे को मारना चाहती थी  

पर कप्तान राका ने कहा रानी परी आप चिंता ना कीजिए , वह आपकी छड़ी का ब्यौरा इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे ।

रानी परी ने कहा ऐसा क्यों , तब राका ने कहा वह उस रास्ते से जा रहे है जिस रास्ते पर आपका दुश्मन शैतान रहता है ओर वह आपसे बदला लेने के लिए आपसे जुड़े किसी भी इंसान को मार डालेगा , ओर वह आपकी छड़ी की वजह से इन्हें भी मार डालेगा ।

रानी परी समझ गई , ओर देश से बाहर जाने का मकसद बदल लिया ।

राका के साथी गोल्डफ़्लेग जहाज को लेकर चले गए। 

अब लुटेरे की मौत का आना बाकी था। 

रास्ते में लुटेरे के जहाज में परी की छड़ी का आभास शैतान को हो गया , उसने समन्दर में सुनामी लेना शुरू के दिए , चारो ओर चीखे , ओर भगदड़ मच गई , लुटेरे ने परी कि छड़ी से शैतान पर जादू किया ।

पर शैतान बहुत ताकतवर था इसी वजह से उसे कोई मार नहीं सकता था , उसने अब जहाज कि समन्दर के अंदर खींच दिया , सभी लुटेरे मौत के घाट उतार गए , यह सारा नजार रानी परी भी देख रही थी ।

एब उनकी चिंता मिटी कि छड़ी का गलत उपयोग नहीं होगा ।
वह खुश भी थी , उन्होंने कप्तान राका को बुलाया ,  कप्तान राका को कहा कि हम आपकी इंसानियत से बहुत खुश है ।

हम आपके एक नायाब तोफा देना चाहते है ,
परी अब एक जादुई तलवार देती है ।
वह तलवार पूरी हीरे कि बनी थी , ओर उस तलवार का प्रहार कभी खाली नहीं जाता था । और उस तलवार पर ऐसा जादू किया गया की कोई उस तलवार को उठा नहीं सकता था ।
सिर्फ राका के सिवाय ।


राका ने रानी परी का शुक्रिया किया ।

अब रानी परी ने कहा कप्तान आप अपनी ईमानदारी ओर इंसानियत की वजह से सभी जगह बहुत प्रचलित हो ।

क्या आप हमारा एक मदद करेंगे ।
क्या आप इस समुद्री शैतान को मार सकते है , यह शैतान हमारे कई जासूसों ओर साथियों को  मार चुका है ।


यदि आप हमारी इतनी मदद कर दे तो आपकी बहुत कृपा होगी ।

राका अभी कुछ समझ नहीं पा रहा था पर उसने रानी परी से कहा कि रानी परी मर शीघ्र ही वापिस आऊंगा ओर आपके चिंता का समाधान लेकर  । 

क्योंकि अभी में उस  शेतान को  मार नहीं सकता मै पूरी तैयारी से वापिस आऊंगा ओर आपकी मदद करूंगा ।

रानी परी ने कहा हमें आपका इंतजार रहेगा ।
अब कप्तान राका वहां से जाने की इजाज़त लेता है , रानी परी कहती है कि आप कहा जाना चाहते है , राका कहता है में अपने जहाज गोल्ड फ्लेग में जाना चाहता हूं ।

अब रानी परी एक जादुई दरवाजा बना देती है , ओर राका उस दरवाजे में जाता है , ओर अपने गोल्ड फ्लेग जहाज में बाहर निकाल जाता है ।

राका के साथी बहुत खुश हो जाते है ।
राका के हाथ में हीरे कि तलवार को देखकर सभी चकित हो जाते है ।


राका अपनी तलवार की एक लकड़ी पर खड़ा करता है ओर जहाज के अंदर चला जाता है ।
अब उसके साथी तलवार को उठाने की कोशिश करते है पर हिला भी नहीं सकते ।

कप्तान राका अंदर से बाहर आता है ओर उस देख कर हसने लगता है , ओर सभी साथी हसने लगते है , अब कप्तान राका एक  झ्टके में तलवार को उपर उठा लेता है । सभी राका की जय जय कर करने लगते है । और अंत में अपने देश लौट जाते है ।

Moral stories in hindi : hindi fairy tales : moral of this story 

इस कहानी का मोरल है अच्छाई कि ही जीत होती है , ओर बुरे इंसान की सदा हार होती है , हम हमेशा अच्छाई का साथ देना चाहिए ।
बुराई से ज्यादा अच्छाई में तकात होती है ।

मुझे उम्मीद है कि आपको मेरी यह hindi fairy tales ओर समुद्री लुटेरे की कहानी पसंद आई होगी ।
कहानी को अधिक से अधिक शेअर करे ।
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कप्तान राका ने परी के दुश्मन शैतान को केसे मारा इसकी कहानी भी में जरुर लिखूंगा , तब तक के लिए अलविदा ।

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