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 Story - Breakup story in hindi  ब्रेकअप का नाम सुनकर सभी सच्चा प्यार करने वालो कि रूह कांप उठती है । परंतु पता नहीं क्यों प्यार भारी इस दुनिया में भगवान ने ब्रेकअप नाम की चीज बना दी । आप यकीन नहीं  मानेंगे कि कभी कभी किसी इंसान के लिए ब्रेकअप के सदमे से बाहर निकलना कितना मुश्किल होता है । ओर यदि वह कोई लड़का हो तो स्थिति ओर भी बिगड़ जाती है । मै खुद एक लड़का हूं ओर मुझे पता है कि ब्रेकअप से बाहर निकलना हम लड़को के लिए कितना मुश्किल होता है । मै नहीं जानता कि  सभी लड़को के लिए होता है या नहीं परंतु मेरे लिए ब्रेकअप से बाहर निकलना बहुत ही मुश्किल हो गया था । आखिर मेरे प्यार आठ साल पुराना था , तो आप सोच ही सकते हो कि केसे मै इस गम से उभर पाया हूं।  The Breakup Dairy - breakup story in hindi  मेरे प्यार की कहानी की कहानी को आठ साल हो चुके थे , हम दोनों ने बहुत सारे सपने बुन लिए थे कि हम दोनों जिंदगी भर एक दूसरे के साथ रहेंगे ओर अब हमारी शादी का प्लान था । परंतु यह ब्रेकअप नाम का साया मेरे रिलेशनशिप को ले डूबा । मैने कभी ब्रेकअप के बारे में नहीं सोचा था ओर ना ही कभी सोचूंगा ओर अब

Hindi fairy tales : वरदान देने वाली परी : fairy tales in hindi

यह fairy tales in hindi उस परी की कहानी है , जिसमे  एक परी अपनी jadui ताकत का प्रयोग बहुत कम करती थी , ओर जो उसकी इंसान मदद करता था उसे fairy वरदान देती थी । यह एक jadui परी की कहानी है ।


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यह एक story फ़ॉर kids in hindi है ,इस hindi fairy tales के पात्र मात्र काल्पनिक है पर इससे मिलने वाली सीख  हमारे जीवन से जुड़ी है ।

यह hindi stories panchatantra stories in hindi से प्रेरित है , यह moral stories in hindi मात्र मनोरंजन के लिए लिखी गई है , उन कहानी मुख्य रूप से kids story in hindi है ।


Hindi fairy tales :  वरदान देने वाली परी : fairy tales in hindi

पहाड़ियों के बीच एक  छोटा सा गावँ था , गावँ का जीवन बहुत ही कठिन था ।
जैसे भोजन , के लिए खेती करना , पानी लेने के लिए दूर घाट पर जाना , यदि सुविधा की बात की जाए तो उस गावँ में कोई सुविधा नही थी , की किसी की ज़िंदगी आसानी से कट जाए ।

उस गावँ में एक परी भी थी ,  वैसे तो वह परी अपनी jadui ताकतो से काम को कर सकती थी । परंतु  वह अपने दुश्मनों से छिपी थी , इसी लिए वह  अपनी jadui छड़ी का इस्तेमाल नही करती थी ।

 गावँ में वह बहुत पुरानी थी इसी लिए उसे  सभी लोग दादी माँ कह कर बुलाते थे ।

गर्मियों के समय था , गावँ के सभी पानी के स्रोत सूख गये थे , गावँ के लोग पानी लाने बहुत दूर जाते थे , उनका जीवन बहुत कठिन हो गया था ।

एक दिन दादी माँ भी जो कि fairy थी , वह भी पानी के लिए जा रही थी , परंतु वह थक कर एक पेड़ के नीचे बैठ गई  ।

वह बहुत देर से लोगों से मदद मांग रही थी परंतु कोई उसकी मदद नही कर रहा था , तब एक नवयुवक आया , ओर बोला , दादी माँ आप यहां क्या कर रही हो चलिए पानी लेकर आते है ।

तो परी बोली बेटा में थक गई हूं इतनी दूर नही आ सकती , क्या तुम मेर लिये भी पानी लेकर आओगे ।

युवक मान गया , ओर परी का मटका लेकर भी चला गया  ।
कुछ देर बाद वह पानी लेकर आ गया तब वह बोला दादी माँ में आपके घर तक रख पानी रख  देता हूँ  चलिये , तब दोनो चलने लग गये ।

अब वह थोड़ी ही देर में घर पर आ गये । वह युवक जा रहा था परंतु तब तक परी ने बोला कि बेटा तुमने मेरी इतनी मदद की है में भी तुम्हें मदद करना चाहती हूं ।

इतना कर कर परी अंदर गई  ओर एक   डिब्बा लेकर बाहर आई , ओर उस युवक को दिया   ।
वह हसने लग गया और बोला दादी माँ इसका में क्या करूँगा में तो बहुत गरीब हूँ इसमें में क्या रखूंगा ।

तब परी बोली बेटा यह कोई सामान्य डिब्बा नही है । यह एक जादुई डिब्बा है , तुम इसके अंदर कोई भी  समान डालोगे , तो यह तुरंत ही , दोगुनी हो जाएगी ।

वह युवक बहुत खुश हुआ और धन्यवाद बोलकर डिब्बा घर ले आया ।
अब वह डिब्बे को आजमाना चाहता था , उसने डिब्बे में थोड़े चावल डाले , ओर डिब्बा बन्द किया ।
अब जब डिब्बा खोला तो चावल दोगुने हो गये ।

युवक बहुत खुश हुआ , उसने डब्बे में 100 रुपये डेल ओर वह 200 हो गए , वह दुकान गया , ओर अपने लिए खाने के लिए समान लाया ।

अब उसने ऐसे कर कर के अपनी सारी कर्ज को भी चुका दिया और वह कुछ हद तक धनी भी हो गया ।

धीरे धीरे लोगो के कानों में खबर जाने लगे गई  , की दादी माँ की मदद कर के दादी ने एक डिब्बा दिया ।
यह बात भी लोगो तक फैल गई कि जादुई डिब्बा दादी माँ दिया  , लोग उस डब्बे को चुराने की कोशिश करते परन्तु , वह युवक बहुत चतुर भी था तो उसने उस डब्बे को इस तरह से छिपाया था कि कोई उसे ढूंढ न सके ।

ओर वह लालची भी नही  इसी लिए वह उसका इस्तेमाल बहुत कम करता , जिससे वह खुश की जिंदगी जी सके ।

अब लोग भी ऐसी ही किसी डिब्बे इस जादुई चीज की तलाश में थे , पर कभी किसी को मौका नही मिला ।

एक दिन एक दूसरा गावँ का ही लड़का , दादी माँ के घर चोरी करने गए , उसका नाम शाम था ।
उसने जब देखा कि  दादी के घर पर कुछ नही है , तो उसने दादी का सारा पानी खाना  कहि छिपा दिया ।

अब शाम छिप गया ,वह यह सोच रहा था कि में भी बुढिया की मदद करूँगा तो मुझे भी कोई ऐसी जादुई चीज मिल जाये , जिससे में अमीर बन जाऊं ।

कुछ देर बाद दादी माँ आयी , उन्होंने पानी पीने की सोची तो पानी नही था , खाना खाने की सोची तो खाना नही था । वह समझ गई की क्या बात है ।

वह घड़ा लेकर बाहर आई तब शाम आया , ओर बोला कि दादी माँ लायो में आपके लिए पानी लाता हूँ , उसने घड़ा पकड़ा और पानी लेने चला गया ।

पानी लेकर वह आया , दादी माँ अंदर चली गई ।
शाम ने फिर आवाज लगाई और बोला दादी मां में आपके लिए पानी लाया आप मेरी कोई मदद नही करोगी क्या ।

तब पारी ने  एक गिलास पानी लिया और उसे दिया और कहा कि इसे पीने के बाद तुम जिस भी चीज पर हाथ लगाओगे च चीज सोने की हो जाएगी ।

शाम ने पानी पिया । ओर अपना मटका लेकर घर चला गया , वह बहुत खुश था  ।
उसने जब पानी पानी नीचे उतरा और देखा , वह घड़ा सोने का था पानी भी सोने का था ।


वह अभी कुछ समाझ नही पाया , वह खुश था । उसने सभी  चीजों को छूना शुरू किया सब कुछ सोने का बन गया ।
जैसे कपड़े , बर्तन , दरवाजा  ।
शाम की मां बहुत खुश थी कि सब कुछ सोने का है परन्तु यह सबसे बड़ी गलती थी  ।

शाम की माँ ने उसे खाने को खाना दिया , जैसे ही उसने भोजन पर हाथ लगाया  वह सोने का बन गया , अब उसे डर लगने लगा ।

वह जिस चीज पर हाथ लगाता वह सोने की बन जाती । अब उसने खुद पर हाथ लगा दिया , ओर वह भी सोने का बन गया ।

उसकी माँ रोने लगती है ।
वह भाग के परी के पास गई । वह रो रही थी , उसने परी के पैर पकड़ लिए ओर कहा दादी माँ हमे माफ कर दो । हमसे भूल हो गई । मेरे बेटे को ठीक कर दो ।

परी का दिल द्रवित हो गया , उसने कहा में तो उसे ठीक नही कर सकती परंतु तुम ही उसे  ठीक कर सकती हो ।
तुम भाग कर घाट पर जाओ और एक गिलास पर पानी लेकर जाना और अपने बेटे पर छिड़कना वह ठीक हो जाएगा ।

अब शाम की माँ एक गिलास लेकर घाट पर गई , ओर पानी लेकर आई , पानी लाते लाते वह आधा हो गया , तब थोड़े से पानी से शाम की माँ ने उसके मुंह पर छिड़क दिया ।

शाम का मुंह तो ठीक हो गया परंतु बाकी शरीर सोने का था ।
अब उसकी माँ दोबारा गई और फिर से पानी लायी ओर वैसे ही थोड़ा सा पानी छिड़क तो उसका आधा शरीर ठीक हुआ।

वह बहुत थक गई थी पर अपने बेटे के लिए वह कुछ भी कर सकती थी इसी लिए वह कई बार पानी लेकर आई तो उसका बेटा ठीक हो गया । जैसे ही वह ठीक हुया तो सारा जादू खत्म हो गया ।

सभी सोने की चीजें वापिस अपने रूप में आ गई ।
शाम की माँ बेहोश हो गई वह रोने लग गया ।
उसे अपनी गलती का  बहुत दुख हुआ । उसने अपनी माँ की सेवा की ओर दूसरे दिन दादी माँ के पास गया और पैर पकड़ कर माफी मांगी , फिर घर गया ।

यहाँ पर इस hindi story : hindi fairy tales का पहला भाग समाप्त हो गया । इस fairy tales in hindi का moral ऑफ the story में आपको कहानी के अंत मे बताऊंगा ।

अब इस kahani का moral stories in hindi का दूसरा भाग fairy tales in hindi moral stories को शुरू करते है ।


Hindi fairy tales :  वरदान देने वाली परी भाग 2  : fairy tales in hindi



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अब इस कहानी का दूसरा भाग कुछ समय बीत गया  था , परी के दुश्मन उसकी तलाश में थे , ओर वह गावँ में थी ,

पर अब दुश्मनो को भी उसकी भनक लग गई थी , वह परी से उसकी जादुई छड़ी छीनना चाहते थे जिससे वह दुनिया मे अपनी बुराई फैला सके  ।

एक दिन परी के दुश्मन गावँ में आ गए , वह भी इंसान के रूप में थे और गावँ में घूम रहे थे यह बात परी को भी पता चल गई थी , ओर वह अपनी छड़ी को छिपाना   चाहती थी ।

दुश्मनो को जब पता चला कि परी बुढिया के रूप में है तो वह उसके घर मे घुस गए ।
अब जिस युवक  के पास जादुई डिब्बा था उसने देख लिया कि यह दादी माँ के घर मे घुस रहे थे , उसने तुरंत लोगो की भीड़  इक्कठा कर ली , उन्होंने परी को पकड़ा हुआ था , तो उस युवक ने उन्हें छुड़ा दिया ।

अब भीड़ के सामने रूप बदलना दुश्मनो को  सही नही लगा ।
वह भाग गए ।
तब परी ने उस युवक से कहा बेटा तुम बहुत ईमानदार और सज्जन हो ।

पर में तुम्ह एक राज बताना चाहती हूं ,  में एक बुढ़िया नही हूँ मै एक परी हूँ और में इन दुश्मनो से बचने के लिए यहां पर हूँ ।

इस गावँ में हम 10, परी है जिन्होंने   ओर हम में से 9 के पास शक्तियां नही है क्योंकि दुश्मनो ने हमारी जादुई छड़ी  छीन ली है । और अब वह 9 परी सभी साधारण इंसान है ।
वह मुझसे भी इसे छीन लेंगे ओर वह पूरी दुनिया में बुराई फेल देंगे ।

तुम इस छड़ी को लेकर कही दूर चले जाओ , इससे दुनिया सुरिक्षित रहेगी ।
युवक कुछ समझ नही पाया और छड़ी लेकर चला गया ।
वह जाने की तैयारी कर रहा था पर उसके दिमाक में एक युक्ति आयी ।

उसने सोचा जब इस जादुई डिब्बे से सभी चीजें 2 हो जाती है तो यह जादुई छड़ी क्यो नही ।

युवक ने छड़ी को डिब्बे में डाला  ओर जब डिब्बा खोल तो डिब्बे से 2 जादुई छड़ी निकली वह बहुत खुश हो गया ।
अब उसने ऐसा कर के 10 छाड़िया बना ली ।

 वह अब फिर परी के पास वापिश गया जहां 10 परी ओर कुछ दुश्मन थे ।

युवक उन दुश्मनो को नही मार सकता था इसी लिए , उसने  पीछे से जादू की ओर  उन्हें थोड़ा मूर्छित किया ।
ओर भाग कर जाकर परियो को उनकी एक एक छड़ी दे दी ।

वह छड़ी सबसे ताकतवर परी की थीं इसी लिए सभी छाड़िया ताकतवर थी ।

सभी परी अपने जादुई रूप में आ गई इर उन सभी  दुश्मनो को मार डाला ।
अब वह बहुत खुश थे , परियो ने युवक से कहा बेटे धन्यवाद तुम्हारे वजह से आज हम वापिश आने लोक जा सकेंगे ।
ओर अपनी प्रजा को  बचा सकेंगे ।

पर तुम्हरे पास यह छड़ी कैसे आयी । तब युवक बोला जादुई डिब्बा सब कुछ दोगुना कर देता है इसी लिए मेने छड़ी ओर उसकी ताकत को दोगुना कर दिया ।
अब युवक ने वह डिब्बा भी परी को दे दिए और कहा  आपका शुक्रिया पर इस डब्बे के वजह से मेरे घर मे रोज चोर आते है ।

परी हसने लग गई , ओर उसने एक जादू किया और एक जादुई अंगूठी बना दी ।

ओर कहा तुमने हमारी जान भी बचाई ओर हमे घर तक जाने में मदद भी की इसी लिए ये अंगूठी लो यदि तुम इसे घिसते हो तो हम में से कोई तुम्हारी मदद करने जरूर आएगा ।

ओर यदि तुम उसे पहन कर चुटकी मरोगे तो तुम्हारी सारी विश , इच्छा पूरी होगी ।
युवक ने वह अंगूठी ले ली ,ओर घर आ गया ।

परी भी अपने लोक चली गई और अपने दुश्मनों को मार दिया और अपनी प्रजा को फिर से मुक्त कर दिया ।।

ओर इस तरह fairy tales story in hindi का अंत हुआ ।
वह अंगूठी कहा गई उसकी कहानी में आपको दूसरे  हिस्से में बताऊंगा ।
यह कहानी यहा पर खत्म हो गई ।


 वरदान देने वाली परी : fairy tales in hindi : moral stories in hindi 


इस story के दो भाग है इसके पहले भाग का  moral कुछ इस तरह है ।


Hindi moral stories : भाग एक

इस kahani के पहले भाग का moral है कि लालच बुरी  बला है , ओर ईमानदारी ही सबसे अच्छी नीति है ।

शाम लालची था इसी  लिए उसके साथ बुरा हुआ , वह युवक ईमानदार था इसी लिए उसका भला हुया , ओर वह लालच भी नही करता था ।

इसी  hindi moral stories  कब तीसरा मोरल है कि  माँ दुनिया की सबसे ताक़तवर इंसान है , वह अपने बच्चो के लिए किसी भी हद तक बढ़ सकती है ।

शाम की माँ ने उसकी जान बचाने  के लिए गिलास से इतनी दूर से पानी लायी ओर से ठीक किया ।



Hindi moral stories - भाग  2


इस fairy tales in hindi  का दूसरा भाग का मोरल है कि , अच्छाई की ही हमेसा जीत होती है । परी अच्छी थी इसी लिए उन्हें अपने लोक जाने किस मौका मिला और उन्होंने अपनी प्रजा की जान बचाई ।


Second moral of this story

इस hindi fairy tales का दूसरा मोरल यह है कि जादू से बडी भी बुद्धि होती ह , यदि वह युवक अपनी बुद्धि से उस छड़ी को 2  करने का उपाय नही निकलता तो हो सकता था कि परी को दुशमन मार डालते ।
ओर से भी ढूंढ कर मार देते ,

उस युवक ने अपनी ओर परियो की भी जाना बचाई ।

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