Moral stories in hindi : jandui anguthi : story in hindi

हिंदी कहानिया  jandui anguthi  : story in hindi 

यह कहानी फेयरी टेल्स इन हिंदी का  भाग हे जिसमे हम एक परी  की दी हुई जादुई 
अंगूठी की बात कर रहे हे , इसमें वह जादुई अंगूठी का बुरा इस्तेमाल करता था जिससे परी  जादुई अंगूठी वापिस ले जाती हे। 
fairy tales in hindi


यह कहानी fairy  tales in hindi का दूसरा भाग हे यदि अपने अभी इसका पहला
 भाग नहीं पढ़ा हे तो आप यहां से उस भाग को पढ़ सकते हे। 
पहला भाग पढ़े -- फेयरी टेल्स इन हिंदी : परी  की कहानी 


यह एक moral stories in hindi है । यह कहानी परी की दी हुई उस अंगूठी से जुड़ी है
 जिसे परी ने खुश होकर उस इनामदार युवक को दिया था । पर
 कई साल बीत जाने के बाद यह अंगूठी उनकी पुश्तेनी अमानत हो  गई ।


अब उस उनके पुस्त के एक बहुत ही गैर जिम्मेदार इंसान के हाथो में गई , ओर
  वह उसका गलत इस्तेमाल करने लगा जिससे परी अंगूठी को लेकर चली गई ।


Moral stories in hindi : jandui anguthi  : story in hindi 

परी युवक से खुश होकर अपने उसे अंगूठी देकर परी लोक चली गई  अब वह युवक अंगूठी लेकर घर चला ।
इस युवक का नाम राजा था ।
राजा बहुत ईमानदार था , वह अंगूठी का गलत इस्तेमाल नही करता था  ।
राजा अब बूढा हो गया था , परन्तु उसकी अंगूठी , उसकी  परिवार की पुश्तेनी हो गई थी ।
अंगूठी राजा के बाद उसके बेटे के पास गहि , ओर बेटे के बाद नाती में गई ।


 अभी तक राजा के सभी वंशज   बहुत ही ईमानदार थे  ।
पर अब राजा के नाती का बेटा ,जिसका नाम रामू था । रामू बहुत ही लालची , ओर नालायक था । 

रामू के अंदर , antarvasn , lalch ,, dhoka ,moh maya ,  बहुत भारी थी  ।
रामू  के हाथ जैसे ही अंगूठी लगी तो उसने  उसका बुरा इस्तेमाल करना शुरु किया ।
रामू ने बहुत सारा सम्पति बनाई , क्योकि अंगूठी को पहन कर चुटकी मार कर  सारी मनोकामनाएं पूरी होती थी ।


अब वह रोज अंगूठी का  बुरा इस्तेमाल करता था ।
वह अपनी लालच को पूरा करने के लिए सोने चांदी , बनाता , घर , गाड़ी सब कुछ चुटकी बजा कर ले आता ।

अंगूठी से वह अपनी मन की अंतर वासना को भी पूरा करता ।
उसे देख  कर लोगो को जलन होने लग गई ।
उसके घर मे रोज चोरी होती ,अंगूठी केलिये रोज खून खराबा होने लग गया ।



जो भी चीज रामु को चाहिए होती वह उसे चुटकी मार कर अपन बना लेता ।
इस करने से समाज मे असंतुलन बनने लगा 
कई लोगो ने  ऐसा देख लर आत्म हत्या कर दी ।
परी के दुश्मन को जब यह बात पता चली की मनोकामी अंगूठी ,
 एक इंसान के पास है तो वह भी  इंसानो पर हमला करने लगे ।

वह अभी तक छिप कर  बैठे थे , परंतु
 अब वह इंसानो को मारने लगे ।

इस बात का पता परी को चला तो परी ने भी पृथ्वी पर आकर इंसानो को जान बचाना शुरू किया ।
इन रामु ने ओर ज्यादा जादू की चाहत में उसने ,परी पर हमला कर दिया ।
अब परी ने जादू से अंगूठी की ताकत वापिश ले ली । और उन सभी दुश्मनो को मार दिया  ।

अब वह वापिश परी लोक चली गई ।
अब रामु बहुत गरीब हो गया , उसकी सारी जादुई सम्पति समाप्त हो गई ।

जादूई अंगूठी : moral stories in hindi :moral of the story

Is kaahni ka moral
  यह है की लालच बुरी बला है  हमे लालच नही करना चाहिए ।

 लालच बुरी बला है ।
इंसान की अन्तर्वासना इंसान को ले डूबती है ।
इस कहानी में   अपने देखा कि रामु ने लालच किया और वह अंगूठी से हाथ धो बैठा ।

मुझे उम्मीद है कि आपको यह कहानी पसंद आई होगी ।कहानी को अधिक शेअर करे ।


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