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 Story - Breakup story in hindi  ब्रेकअप का नाम सुनकर सभी सच्चा प्यार करने वालो कि रूह कांप उठती है । परंतु पता नहीं क्यों प्यार भारी इस दुनिया में भगवान ने ब्रेकअप नाम की चीज बना दी । आप यकीन नहीं  मानेंगे कि कभी कभी किसी इंसान के लिए ब्रेकअप के सदमे से बाहर निकलना कितना मुश्किल होता है । ओर यदि वह कोई लड़का हो तो स्थिति ओर भी बिगड़ जाती है । मै खुद एक लड़का हूं ओर मुझे पता है कि ब्रेकअप से बाहर निकलना हम लड़को के लिए कितना मुश्किल होता है । मै नहीं जानता कि  सभी लड़को के लिए होता है या नहीं परंतु मेरे लिए ब्रेकअप से बाहर निकलना बहुत ही मुश्किल हो गया था । आखिर मेरे प्यार आठ साल पुराना था , तो आप सोच ही सकते हो कि केसे मै इस गम से उभर पाया हूं।  The Breakup Dairy - breakup story in hindi  मेरे प्यार की कहानी की कहानी को आठ साल हो चुके थे , हम दोनों ने बहुत सारे सपने बुन लिए थे कि हम दोनों जिंदगी भर एक दूसरे के साथ रहेंगे ओर अब हमारी शादी का प्लान था । परंतु यह ब्रेकअप नाम का साया मेरे रिलेशनशिप को ले डूबा । मैने कभी ब्रेकअप के बारे में नहीं सोचा था ओर ना ही कभी सोचूंगा ओर अब

हिंदी कहानियां एक समुद्री लुटेरा : kahaniya

हिंदी की कहानियां

यह हिंदी कि कहानी है एक समुद्री लुटेरे की , इस कहानी मा लुटेरा ही इस कहानी का हीरो है ।
जिसने इंसानियत के खातिर लोगो  के लिए लूटपाट शुरू की ओर समन्दर पर अपना परचम फैलाया। 
समुद्री लुटेरा , मोरल स्टोरीज इन हिंदी , हिंदी कहानी , कहानियां


समुद्री लुटेरा का नाम सुनते ही आपको captan jeack spero की याद आती होगी जो कि एक समन्दर का   बहुत ही  बहुत ही शातिर कप्तान था ।

यह कहानी भी एक ऐसे ही किरदार की है समन्दर का बादशाह , कैप्टन राका। 
कप्तान राका बहुत ही शातिर था , वह अपने समन्दर के लुगभग सारे  लुटेरे , ओर राजाओं को लूट चुका था ।

अब राका की सबसे बड़ी खास बात , वह हमेशा ऐसे लोगो को लूटता जो कि गरीबों की रुपया हड़प देते ।

कप्तान राका की दुश्मनी पूरे समन्दर के कप्तान से हो गई ।
पर कप्तान राका को हराना इतना आसान नहीं था ।
अब कप्तान राका ही एकमात्र कप्तान था जो पूरे समंदर से अच्छी तरह से वाखिप था। 

एक बार एक  राज जिसे खजाने का लालच था उसने कप्तान राका को एक सौदा करने के लिए बुलाया ।
राज चाहता था कि  कप्तान उसे उस टापू पर के जाए जहां पर बहुत सारा  खजाना था ।

राजा के पास नक्शा भी था और राजा के पास पहले से ही बहुत सारी सम्पत्ति थी , राजा अपने राज्य के किसानों से बहुत सारा कर वसूलता था ।
इस वजह से राजा की प्रजा उससे बहुत परेशान थी ।

राजा के पास उस टापू का नक्शा भी था परंतु उससे जाना  किसी भी सामान्य इंसान के लिए असंभव था। 
इसी वजह से राजा ने राका के साथ सौदा किया ।

राका का अपना जहाज था , ओर राजा ने भी अपनी जहाज नीचे उतरी
राका के जहाज का मुकाबला राजा का जहाज भी नहीं कर सकता था । इसी वजह से राजा ने अपनी सेना की कुछ लोगो को राका के जहाज में भेजा और कुछ को अपने जहाज में भेजा ।

राका के साथ सौदे में राजा ने उसकी रिहाई और उसे छोड़ने का सौदा किया था। 
राका ने राजा के राज्य के कई लोगो को लुटा था इसी लिए राका एक मुजरिम बन चुका था ।

अब सौदा होने की वज़ह से राजा ने उसे निर्दोष बता कर आजादी का  सौदा किया ।

राजा को कप्तान राका पर भरोसा नहीं था इसी  वज़ह से राजा अपनी सेना लेकर आया था ।
उस बस इस वजह से राका की जरूरत थी क्योंकि उस टापू पर कोई पर कप्तान राजा को नहीं ले जा सकता था ।

अब राजा और राका दोनों खजाने कि तलाश में निकाल गए  ,  वह समन्दर में बहुत दूर आ गए । 

अब मौत का सफर शुरू होने वाला था , उस जगह से बहुत तेजी से निकलना पड़ता था नहीं तो समन्दर की बड़ी मछलियां इंसानों की महक से ही इंसानों को ढूंढ ढूंढ कर मार डालती थी ।

उस इलाके में राका पहले भी निकाल चुका था इसी वजह से वहां केसे निकलना है राका को पहले पता था ।

राका ने उस इलाके में आते ही जहाज कि रफ्तार बढ़ा दी ।
राजा का जहाज राका के जहाज की रफ्तार से नहीं चल सकता था इसी वजह से वह पीछे छूट रहा था ।

राजा जो की राका के जहाज पर था उसने राका को जहाज को धीमा करने का आदेश दिया पर राका ने नहीं सुनी ।

राजा ने तलवार निकली ओर राका के गर्दन में रखी , तभी दूसरी तरफ से मछलियों का एक जमघट आ गए , मछलियों की आवाज किसी खूंखार जानवर से कम नहीं थी ।
वह मछलियां पागल और भुखो भेड़ियों की यह जहाज कि तरफ आने लगे। 
 राजा बिल्कुल घबरा गया , वह चीखने चिल्लाने लगा , उसका दिल जोर जोर से धड़क रहा था ,उसने अब छिपने का निर्णय लिया वह जहाज के एक कमरे में छुप गया ।

कप्तान राका जहाज को चलाता रहा , ओर आखिरकार राका ने जहाज को मछलियों के इलाके से बाहर कर दिया ।

राजा एक छोटी सी खिड़की से देख रहा था । मछलियां राजा के जहाज पर टूट पड़ी , हर तरह चिखे , शोर मच गया । राजा की कुछ सेना हो अपने ही जहाज पर थी उन्होंने बचने के लिए पानी में छलांग मार दी ।

मछलियों ने कुछ ही देर में सभी के हाथ पैर गर्दन सब खा दी , जहाज के भी टुकड़े टुकड़े हो गए ।

अब राका राजा को देखने आया , उसने दरवाजा खोला , राजा डर के नीचे गिर गया ।
राजा की धड़कन बहुत तेज थी , राजा के हाथ कांप रहे थे । अब उसके मुंह से निकला गया , कप्तान राका ।

राजा ने सुर कुछ बदले हुए थे । राजा की हालत कुछ खराब थी , राजा की जवान ने जहजीब की शिक्षा सीख ली थी ।

उसने जैसे ही राका की जगह कप्तान राका बोला  ,  राजा के सभी सैनिक कप्तान के समाने झुक गए ।
उस दिन राजा ने राका को एक नया नाम दिया , बाहदुर कप्तान राका ।

राजा ने अब राका को कहा कि क्या तुम इस बात को पहले से जानते थे , राका ने कहा कि हा हजूर ।

 इसी वजह से तो आपको आपके जहाज से अपने जहाज पर  बुला लिया था ।
 क्योंकि पूरे समन्दर में रफ्तार के  मामले में  मेरे गोल्डन फ्लेग जहाज का मुकाबला कोई नहीं कर सकता ।

राजा ने कहा गोल्डन फ्लेग , यह नाम तो मैने सिर्फ कहानी में सुना था ।

 अब कप्तान राका ने कहा कि हा यह वही कहानी वाला गोल्डन फ्लेग जहाज है।  जिसका मुकाबला ३०० सालो से कोई नहीं कर सका है ।

अब राजा ने आदर से कहा मेरा सौभाग्य है कि में इस महान जहाज गोल्डन फ्लेग में हूं ।

गोल्डन फ्लेग जहाज के बहादुर कप्तान राका मेरी जाना बचाने के लिए शुक्रिया ।

मुझे तुम पर भरोसा नहीं था पर अब पूरा भरोसा हो गया है ।
क्या हम खजाना  ढूंढ लेंगे ।

अब कप्तान राका ने कहा में आपके लिए खजाना जरुर ढूंढ दूंगा पर आप अपने गरीब प्रजा को उस खजाने का कुछ हिस्सा से देना । 

और आप अपनी प्रजा से कम से कम कर वसूलना जिससे आपकी प्रजा आपके आने की दुआ करेगी ।

राजा बहुत खुश हो गया राज अब धीरे धीरे से कप्तान राका को समझने लगता है ।

राजा समझ गया कि कप्तान राका उससे बड़ा राजा है दिल का धनी , ओर दिल से अच्छा इंसान ।
 कप्तान राका लूटपाट करता गए परंतु सारा धन गरीबों को से देता है ।

राजा ने कप्तान की बात मान  ली और कहा में समझ गया कि मुझे क्या करना है ।

अब आगे के सफर में और भी ज्यादा खतरा बढ़ने वाला था क्योंकि  खजाने की सुरक्षा एक शैतान कर रहा था जिसके हाथ से बचना बहुत मुश्किल था ।

राका को यह बात भी पता थी क्योंकि  राका ने इस खजाने  के सिर्फ किस्से सुने थे ।

इस खजाने का नाम था , मरीन का खजाना ।
यह  खजाना एक तरह की गुफा के अंदर था कई लोग मरीन कर खजाने को लूटने की फिराक में थे पर किसी को रास्ते में मछलियां मार डालती तो किसी को  रक्षक शैतान ।

यह बात  कुछ लुटेरो को भी पता चल गई थी , इसी लिए वह भी उनका पीछा करने लग गए । 

एक लुटेरा जक्कार , जिससे राका की बहुत पुरानी दुश्मनी थी , इसी वज़ह से जक्कार राका का पीछा कर रहा था ।
अब सभी टापू पर आ गए ।
जम कर लुटेरे ओर राजा के सिपाहियों ने मुठभेड़ होने लगी ।

राजा के कई सैनिक मेरे गए । पर अंत में राजा की ही जीत हुई , उन्होंने जक्कर की बंधी बना दिया और उसे भी और उसके आदमियों की भी अपने साथ टापू की गुफा में ले गए ।


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गुफा की कहानी सभी लोगो को पता थी इसी वजह से किसी कि हिम्मत गुफा में जाने की नहीं हुई ।

अब जक्कर ने राजा के  सैनिकों की पकड़ से छूट कर राका को  धक्का दे दिया । राका ने जक्का र को भी पकड़ दिया और वह दोनों गुफा में गिर गए ।

जोरदार हलचल होने लगी । सभी सिपाही भागने लगे , जाक्कर के आदमी भी अपनी जहाज में भागे , ओर राजा ओर राजा के  सैनिक भी गोल्ड फ्लेग में भागे ।

कुछ समय बाद हलचल बन्द हो गई , ओर कोई गुफा से बाहर नहीं आया  ,राजा ने बहुत इंतजार किया की कप्तान राका बाहर आए पर दोनों से कोई नहीं आया ।

सभी ने वहां से भागना सही समझा ।
और राजा के सैनिक ओर राका के कुछ लोग जहाज को लेकर , वापिस अपने देश आ गए ।

वह इतने घबरा गए थे कि उसकी हिम्मत नहीं हुई की इस बात को किसी को बता सके ।

राजा ने घोषित किया की  राका मर चुका है , गोल्ड फ्लेग जहाज को राका के लोग अपने साथ ले गए ।
राजा ने सभी लोगो का कर कम कर दिया ।

सभी राजा कि प्रजा बहुत खुश थी वह राजा के लिए दुआ करती थी ।
अब राका ओर  जाक्कार का कुछ पता नहीं चला  ।
किसी को पता तक नहीं था कि राका मर चुका है या नहीं , पर कुछ महीनों बाद राका अपने गोल्ड फ्लेग जहाज पर लोटा ।

उसके सभी आदमी उसे देख कर बहुत खुश हुए । उन्होंने राका को कप्तान कि कमान संभालने को कहा ।

और अब सभी जानते थे कि राका की वह पहला इंसान  जो  मरीन के खजाने की गुफा से बच कर आया था पर किसी को इस बात नहीं खबर नहीं हुई की वह वहां से बच कत केसे आया ।

अब आपके मन में यह बात तो जरूर आ रही होगी की राका उस गुफा से केसे बच निकला , ओर  जककार का क्या हुआ ।
 

इस सवाल का जवाब आपको इस कहानी के दूसरे भाग में मिलेगा ।

 End  of this hindi stories : मोरल इस कहानी का 

इस कहानी का मोरल गए की नेकी कर दरिया में डाल ।
इसका मोरल इस और इशारा करता है कि हम सदा लोगो की भलाई करते रहना चाहिए , यदि आप बुरा काम भी के रहे हो उस बात पर भी लोगो को आपसे कोई गिला नहीं होनी  चाहिए ।
लालच बुरी बला है हम लालच नहीं करना चाहिए ।

, इस सवाल का जवाब आपको इसके दूसरे भाग में मिलेगा ।
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