kanhaiya kumar ki kahaniya : चतुर बगुला : kahaniya in hindi

Kahaniya in hindi : चतुर बगुला

यह कहानी है एक तलाब की जिसकी सभी मछलियों को बगुला खा जाता है , पर एक केकड़े को खाने की फिराक में वह अपनी जान से हाथ धो बैठता है ।
यह कहानी kanhaiya kumar की कहानियों मे से एक है ।
इस कहानी का मोरल आपको कहानी केअन्त में बताऊंगा ।

चलिये kahani शुरू करते है ।

Kanhaiya kumar ,moral stories in hindi


चतुर बगुला : moral stories in hindi

एक जंगल के बीचों बीच एक तलाब था ।
उसके अंदर बहुत सारी मछलिया रहती थी । 
उस तलाब के पास एक बगुला भी रहता था , जो रोज रोज तलाब की मछलीयो की खा जाता ।


मछलियों में उनकी बहुत ख़ौफ़ फैला हुआ था  ।
बगुला बहुत बूढा हो गया था इसीलिए अब वह मछलियों को नही मार पा रहा था ।

अबभूख से उसके  हालात बहुत खराब थी  ।
ओर वह बहुत परेशान हो गया कि मछलियों को कैसे मार जाए ।
अब उसने मछलियों को मारने के लिए एक प्लान बनाया , वह अब सारी मछलियों को मारने के सोच रहा था । 

चतुर बगुले की चालाकी : hindi kahaniya

अबचतुर बगुले ने  मछलियों को मरनेके लिये एक साजिश बनाई ।

वह अब पानी मे आंखे बंद कर के खड़ा हो गया । सभी मछलिया उससे डर रही थीं । 
फिर हिम्मत कर के एक मछली उसके पास गई , पर बगले ने मछली पर हमला नही किया ।

सभी मछलिया चिंता में पड़ गई कि इसने हमला क्यों नही किया।
अब बगुले  ने अपनी साजिश को अंजाम देना था  ।

अब बगुले ने बड़ी विनम्रतापूर्वक कहा कि मेरे दोस्तों तुम सभी को में प्रतिदन मार कर खाता हूं । परंतु इससे तुम एक एक कर के मर रहे हो और बढ़ भी रहे हो ।

परंतु अब  इस तलाब में कुछ ऐसा है जिससे तुम् एक ही  दिन में सभी मर जाओगे ।
ओर अब अगर ऐसा हुआ तो में भूख से मर जाऊँगा ।

इसी वजह से में तो यह तलाब छोड़ कर जंगल कर दूसरे तलाब में जा रहा हूँ ।

दूसरा तलाब इससे  भी बड़ा है और वहां पर तुमसे भी ज्यादा मछलिया है । 
अब में उसी तलाब में रहने जा रहा हूँ ।

 पर में तो उड़कर चला जाऊंगा पर तुम  कैसे जाओगे ।

मुझे तुम सभी की चिंता हो रही है ।
तुम सभी तलाब की बीमारी से मरजाओगे 

सभी मछलिया डर गई । और वह सोचने लग गई कि एक बार मे मर गए तो ।

उन्होंने अब बगुले को कहा तुम अब हमारे मित्र हो , क्या तुम हम सभी  भी उड़ा कर दूसरे तालाब में ले जा सकते हो ।

बगुले ने साजिश को अंजाम दिया : moral stories

अब बगुले ने जो सोचा था वह ही हुआ , उसका यह ही प्लान था कि मछलिया खुद उसकी चोंच में आ जाये ।
अब उसने कहा ठीक है में तुम्ह उठा कर ले जाऊंगा ।
तुम सब मेरेदोस्त हो और में तुम्हारे लिए इतना तो कर ही सकता हूँ ।
मछलिया भी मान गई ।

बगुले ने एक  मछली को चोंच में  उठाया  ओर उड़ गया , उस मछली को वह पहाड़ के ऊपर ले गया और उसे पत्थर में गिर दिया ।
मछली नीचे गिर कर मर गई  । बगुला बहुत खुश हुआ और  उसने आज मजे से मछलिया खाई ।
अब वह प्रतिदिन 15 से 20 मछलिया ले जाता और उन सभी को मार डालता  ओर खा जाता ।

अब एक केकड़े को बगुले पर शक हो गया कि क्या सच मे कोई  तालाब है और क्या हमारे तालाब में क्या सच मे कोई बीमारी है ।

दूसरे दिन उसने बगुले को कहा कि अब में जाऊंगा , तुम हममे से 100 मछलियों को तो ले गये अब मुझेभी ले जाओ ।

बगुला थोड़ा डर गया , पर वह मन मे सोचने लग गया कि इसे ऊंचाई से गिरा दूँगा तो इसके चीथड़े उड़ जायँगे ।

उसने केकड़े को मुह में उठा दिया और ले जाने लग गया ।
ओर जब वह पहाड़ के ऊपर गया तो केकड़े ने मछली में काँटे देख दिए , जिससे  उसे शक हो गया , अब जैसे ही बगुला ने केकड़े को गिराने की कोशिश की तो केकड़े ने बगुले का मुंह पकड़ गया ।

बगुला चकरा गया , उसने इसके बारे में सोच नही था । बगुला केकड़े को गिराने की कोशिश करने लग गया ।

अब केकड़े ने बगुले की गर्दन पकड़ दी । बगुला बहुत डर गया और घूमने लग गया  ।
अबककडे ने बगुले की गर्दन तोड़ दी बगुला मुह के बल नीचे गिर गया , ओर मर गया ।

इस तरह केकड़े ने अपनी जान बचा दी , अब केकड़ा, फिर अपने तालाब की तरफ चला गया ।
जब वह तालाब में वापिस गया तो सभी मछलियों ने पूछा कि  तुम यहाँ , हमारे साथी कहा गया , बगुला कहा गया ।

केकड़े ने सारी बाते मछलियों को बता दी ।

सभी मछलियों की जान बच गई , ओर बगुला भी मर गया । अब उस तालाब  में बहुत खुसी का माहौल आ गया ।

Moral stories in hindi :-  चतुर बगुला 

kanhaiya kumar की इस कहानी का मोरल है कि , हमे कभी लालच नही करना चाहिए ।
इस kahani का दूसरा मोरल है कि कभी भी दुश्मन की बातों में नही आना चाहिए ।
दुश्मन मगरमछ के आंसू लेकर भी आता है कर पीठ में खंजर भोक देता है ।

मुझे उम्मीद है कि आपको कहानी पसंद आई होगी , कहानी को अधिक सेअधिक शेयर करें ।
हम ऐसी ही manohar kahaniya लिखते रहते है । ऐसी ही kahaniya पढ़ने के लिए हमारे साथ बने रहे ।

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