Hindi kahaniya : गोल्ड फ्लेग जहाज की कहानी : kahaniya

Hindi kahaniya : समुद्री लुटेरा

यह कहानी समुद्री लुटेरे के जहाज गोल्ड फ्लेग की है कि गोल्ड फ्लेग जहाज कहा से आया ओर उसका नाम गोल्ड फ्लेग क्यो रखा था । यह hindi kahaniya समुद्री लुटेरे की काहनिया है , जिसके ४ भाग हम लिख चुके है। 
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यदि आपने समुद्री लुटेरे की कहानी के सभी भाग नहीं पढ़े तो आप नीचे क्लिक कर के पढ़ सकते है ।
समुद्री लुटेरे भाग १
समुद्री लुटेरे मरीन का खाजाना भाग ३
समुद्री लुटेरे जादुई शक्ति की तलाश भाग ३
समुद्री लुटेरे कप्तान राका का वादा  भाग ४

चलिए कहानी शुरू करते है ।

गोल्ड फ्लेग जहाज की कहानी : हिंदी कहानियां :समुद्री लुटेरे

समुद्री लुटेरे कप्तान राका का जहाज गोल्ड फ्लेग जहाज ३०० साल पुराना जहाज है ।

कप्तान राका के वंशज गोल्ड फ्लेग के कप्तान बनते आ रहे है । अभी कप्तान राका गोल्ड फ्लेग का कप्तान है । 

कप्तान राका खुद यह नहीं जानता कि ,उसके जहाज का नाम गोल्ड फ्लेग क्यो है , तो चलिए हम आपके ले चलते है कप्तान राका के  इतिहास में ।

जब राजा के सैनिक  मरीन की गुफा में से राजा का खजाना रखा कर आ रहे थे , तो कुछ समुद्री लुटेरे ने उन सभी सैनिकों ओर हमला के दिया था , ओर कई सैनिक जख्मी हो गए थे परंतु फिर कप्तान राका के वंशज ने दुश्मन के जहाज में चुप चाप जाकर लुटेरे के सरदार को मार डाल ।


अब जैसे ही लुटेरे के सरदार मरे तो उन्होंने भी हथियार रख दिए , ओर उन्होंने स्वम को  सैनिकों का गुलाम मान लिया ।

परंतु वह जहाज लुटेरे का था इसी वजह से किसी भी सैनिक का उसपर होने , सैनिक के भी लुटेरे होने की निशानी थी। 

अब वह उसका कप्तान बन कर नहीं रह सकते है क्योंकी जिस लुटेरे के जहाज पर सैनिकों ने कब्जा किया था वह जहाज समन्दर के सबसे ख़तरनाक लुटेरे का जहाज था , जिसने समदर के सभी जहाजों को लूट कर उन्हें  मोत के घाट उतारा था ।।

उस  जहाज में बहुत सोना था , ओर राजा के सैनिकों के पास  भी एक जहाज था  , अब सैनिकों ने सोचा कि क्यों ना वह दोनों जहाजों को तोड़कर आपस में मिला ले जिससे कोई लुटेरे के जहाज को पहचान भी नहीं पाएगा ओर  जहाज ओर भी ताकतवर हो जाएगा ।

अब सैनिकों ओर लुटेरे ने मिलकर दिनों जहाजों के सभी हिस्सों को एक बना दिया , जहाज में धातु के नाम पर सोने के सिवाय कुछ नहीं था , तो उन्होंने सोने को गलाकर जहाज के लिए एक नाम का प्लेट बना दी , ओर तब सभी ने उसका नाम गोल्ड फ्लेग रखा ।

अब वह जहाज राजा के हथियार से ओर लुटेरे की पतवार से जुड़ गया था , जिससे लड़ाई में , ओर रफ्तार में उसका सामना कोई नहीं के सकता था ।

लुटेरे ने अब सभी के साथ मिलकर कप्तान राका के वंशज को कप्तान बनाया ।
अब इसी बात पर कप्तान राका के वंशज ने घोषणा की कि आज के बाद हमरा जहाज किसी के साथ लूटपाट नहीं करेगा ।

परंतु लुटेरे ने कहा कि कप्तान हम सभी खाएंगे क्या तो कप्तान ने कहा कि हम सभी अब पूरे देश पर , सभी बंदरगाह पर नजर रखेंगे ।

और जो भी लोगो को लूटता नजर आया हम उस है लूटेंगे ।
और ऐसा कह के कप्तान ने जहाज का बचा हुआ सोना ,अपने सभी साथियों को बांट दिया ओर  लुटेरे को भी कहा कि तुम अब से अच्छा काम करोगे ।

इस बात पर सभी ने कप्तान की प्रशंस की , तब से जहाज का ना म गोल्ड फ्लेग पड़ा ओर कप्तान राका के वंशज उस जहाज के कप्तान है ।
और वह सभी मिलकर मजबूर लोगो की मदद करते है ।

Hindi kahaniya : end of the story 


यह समुद्री लुटेरे की कहनी का भाग 5 है मुझे उम्मीद है कि आपको यह कहानी पसंद आई होगी ।

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