भूत की कहानी , भूत बंगले में एक रात , horror story in hindi

horror stories in hindi -  भूत बंगले में एक रात 

मेरा नाम रोहित है में उत्तराखंड का रहने वाला हूं । 
मै ठीक पढ़ा लिखा इंसान हूं इसी लिए अंधविशवासों पर इतना विश्वास नहीं करता ।
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भूत जादू टोना , इन सभी चीजों को में मजाक समझता हूं । 
परंतु आज के बाद में ऐसा कभी नहीं सोचूंगा क्यों की भूत होते है ।
जो मैने आज देखा ओर महसूस किया उस देख कर कोई भी  मान लेगा की भूत होते है ।

आजकल विज्ञान का युग है परंतु कुछ ऐसी घटनाएं होती है  जिनकी वजह से हम मानना पड़ता है कि भूत होते है ।
चलिए में आपकी भूत कि कहानी सुनाता जिससे आपको भी विश्वाश ही जाएगा कि हा भूत होते है ।

भूत की कहानी - एक रात भूत के साथ - Horror story in hindi

मै गांव का रहने वाला हूं , मेरे गांव में भूत पिशाच , आत्मा ,की मानने वाले बहुत लोग है परंतु में उन सभी की बात नहीं मानता , क्योकि मेरा मनान था कि  भूत नहीं होते ।

मै यही कहा फिरता था कि भूत नहीं होते ।

एक दिन हमारे गांव के पास एक झरने में एक आदमी के फिसलने से  मौत हो गई ।

झरने पर लोग कम जाते थे क्योंकि वह जंगल में था , गर्मियों का समय था इसी वजह से नहाने गए हुए उस इंसान की मौत हो गई ।
जब झरने पर कोई नहीं गया तो वहां लाश को पड़े पड़े ३ दिन हो चुके थे तब कहीं जाकर वह लाश मिली ।
 जिस इंसान की वह लाश थी  उसके शुभ चिंतक उसकी  लाश को अंतिम संस्कार के लिए ले गए ।

परंतु उस दिन के बाद झरने पर कुछ अलग अलग  घटनए होने लगी । किसी को चोट लग जाती किसी को बुखार आ जाते , किसी का कुछ नुकसान होने लगा ।

सभी लोग कहने लगे कि गांव में भूत घूम रहा है , ओर वह भूत उस इंसान का है जो परसो मरा था ।

मै इन बातो को मानने वाला नहीं था ओर मेरा मन घर में नहीं लगता था मुझे घूमने फिरने का बहुत शौक था ।

मैने सोचा कि दोपहर का समय है गर्मी भी बहुत है मुझे झरने पर नहाने जाना चाहिए , ओर अब में सीधे बिना कुछ सोचे समझे झरने ओर चला गया ।

मैने घर ओर किसी को नहीं बताया कि में कहा जा रहा हूं । अब में जब झरने ओर गया तो वहां बिल्कुल सन्नाटा जैसे जानवरो को भी सांप सूंघ गया हो ।

बिल्कुल भी आवाज नहीं एक परिंदा तक नहीं फड़फड़ा रहा ।
मुझे थोड़ा अजीब सा तो लगा कि , जंगल में इतना सन्नाटा  पर मैने सोचा छोड़े मुझे क्या लेना देना ।

अब मैने कपड़े उतारे और झरने के ठंडे पानी में बैठ गया , झरने का ठंडा पानी सीधे मेरे सिर पर गिर रहा था ओर मुझे बहुत मज़ा आ रहा था । मैने बहुत देर तक पानी के मज़े लगी ।

अब अचानक मेरे बगल झाड़ियों में एक पत्थर गिरा , झर्र की आवाज सुनते ही मैने इधर उधर देखना शुरू किया पर कुछ नहीं दिखा। 

अब दूसरी तरफ के ओर पत्थर गिरा ओर अब मेरी हालत खराब हो गई ।

मै अब तुरंत खड़ा हो गया , मैने इधर उधर देखना शुरू किए कुछ नहीं दिखा । अब लोगो की बाते मेरे दिमाग में घूमने लगी , मैने तुरंत कपड़े पहनना शुरू किया ओर हड़बड़ी में मै भी फिसल गया ओर गिर कर झाड़ियों में चला गया ओर बेहोश ही गया ।

अब काफी रात को गई , मुझे होश आया में उठा और फिर कांपते कांपते  अपने कपड़ों के पास गया  मैने कपड़े पहनना शुरू किया ओर फोन उठाया समय रात के ग्यारह बज रहे थे ।

अब उल्लू कि आवाज आने शुरू हो गई , ऊ ऊ की आवाजे आ रही थी झाड़ियों में हलचल हो रही थी ।

मुझे लगा कि में जैसे एक भूत बंगले में घुस गया हूं मेरी हालत डर के मारे खराब थी ।

मैने फोन कि लाइट जलाई और घर की ओर दौड़ने लगा । ओर गलती से मेरा पैर एक पत्थर में लगा ओर में फिर झाड़ियों में गिर गया मैने तुरंत उठकर भागना शुर किया ओर एक पेड़ पे टकरा गया , मै झाड़ियों में फस गया था  मुझे लगा जैसे कोई मुझे पकड़ रहा हो। 

मैने जैसे तेसे अपने कि छुड़ाया ओर रास्ता पकड़ के भागा मेरे फोन में नेटवर्क भी भी थे ।
मुझे मेरे घर से फोन भी नहीं आया ।

मै दौड़ते दौड़ते अपने घर गया घर ओर सभी परेशान थे , मेरे हाथ पैर छिल गए थे , मेरे सिर से खून निकल रहा था । 

मै इतना डर गया कि मुझे बुखार आ गया मेरे घर वालों ने मुझ पर दवाई लुगाई ।

अब दूसरे दिन वही हुए जो हर किसी के साथ होता था ।
मेरी मां झाड़ फुक करने वाले की ले आयी। 
अब झाड़ फुक करने के बाद उसने मुझे काला धागा बांधा , ओर चला गया अब शाम तक मेरा बुखार भी उतार गया था ।

मुझे यकीन ही गया कि भूत होते है इसी घटना मेरे साथ पहली बार हुई थी ।

भूत की यह कहानी यहां ओर समाप्त होती है । 
मुझे उम्मीद है कि आपकी यह कहानी पसंद आई होगी । कहानी को अपने दोस्तो के साथ भी शेयर करे। 
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