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 Story - Breakup story in hindi  ब्रेकअप का नाम सुनकर सभी सच्चा प्यार करने वालो कि रूह कांप उठती है । परंतु पता नहीं क्यों प्यार भारी इस दुनिया में भगवान ने ब्रेकअप नाम की चीज बना दी । आप यकीन नहीं  मानेंगे कि कभी कभी किसी इंसान के लिए ब्रेकअप के सदमे से बाहर निकलना कितना मुश्किल होता है । ओर यदि वह कोई लड़का हो तो स्थिति ओर भी बिगड़ जाती है । मै खुद एक लड़का हूं ओर मुझे पता है कि ब्रेकअप से बाहर निकलना हम लड़को के लिए कितना मुश्किल होता है । मै नहीं जानता कि  सभी लड़को के लिए होता है या नहीं परंतु मेरे लिए ब्रेकअप से बाहर निकलना बहुत ही मुश्किल हो गया था । आखिर मेरे प्यार आठ साल पुराना था , तो आप सोच ही सकते हो कि केसे मै इस गम से उभर पाया हूं।  The Breakup Dairy - breakup story in hindi  मेरे प्यार की कहानी की कहानी को आठ साल हो चुके थे , हम दोनों ने बहुत सारे सपने बुन लिए थे कि हम दोनों जिंदगी भर एक दूसरे के साथ रहेंगे ओर अब हमारी शादी का प्लान था । परंतु यह ब्रेकअप नाम का साया मेरे रिलेशनशिप को ले डूबा । मैने कभी ब्रेकअप के बारे में नहीं सोचा था ओर ना ही कभी सोचूंगा ओर अब

भूत की सच्ची कहानी ~ bhoot ki kahani in hindi | bhoot ki kahaniya

भूत की सच्ची कहानी ~ bhoot ki kahani in hindi | bhoot ki kahaniya





भूत प्रेत आज के जमाने में इन चीजों पर कोई यकीन नहीं करता परंतु गांव में लोग इन चीजों को बहुत मानते है ।
शायद आप उन लोगो को अंधविशवासों से घिरा सोच सकते होंगे ।
पर कभी कभी कुछ ऐसी घटनाएं हमारे सामने घट जाती है जिनसे , हम लोग सच्चाई को भूल के उन लोगो की बातो पर विश्वास कर सकते है ।

मुझे आज भी याद है कि में जब शहर से अपने गांव गया था । में कभी भूत प्रेत पर विश्वास नहीं करता था ।
 गांव में गाड़ी शाम को ही आती थी जिससे मुझे गांव जाने में देर हो गई ।

अंधेरा हो गया था और अभी मेरे लिए ३ किलोमीटर का कच्चा पैदल मार्ग रह चुका था ।
मैने अपनी थेल उठाया और कच्चे रास्ते पर निकल पड़ा उसी रास्ते पर मेरे पड़ोसी गांव भी लगता था मुझे उसी गांव के बीच से निकालना था ।

भूत की सच्ची कहानी ~ bhoot ki kahani in hindi | bhoot ki kahaniya


में जब गांव के बीच गया तो लोगो ने मुझसे पूछना शुरू कर दिया कि कहा से आए हो और कहा जा रहे हो ।
 क्योंकि में कभी कभी गांव जाता हूं इसी वजह से लोग मुझे पहचानते नहीं थे ।

 जब मैने उन्हें कहा किए पास के गांव का हूं तो वह लोग मुझे रात को जंगल के रास्ते जाने से रोकने लगे पर मैने उनकी एक ना सुनी ।

कोई कहता की रास्ते के जंगल में जंगली जानवर हो सकते है तो कोई कहता कि रात को जंगल में भूत भी रहते है ।

जितना मुख उतनी बात सुनने को मिल रही थी पर मैने बिना डरे आगे बढ़ने का निर्णय लिया ।

पर जब में जंगल में गया तो मेरे दीमाक में लोगो की बाते चलने लग गई ।

मुझे डर लगने लगा कि कोई जंगली जानवर ना आ जाए तो मैने एक। पेड़ की टहनी तोड़ के डंडा बना लिया ।
पर थोड़ी देर बाद मेरे दिमाग में भूत की बात आ गई ।

अब हो गई मेरी हालत खराब , में सोचने लगा कि जानवर को तो में मार के डर सकता हूं पर भूत का क्या होगा ।

और अब में जितना सोच उतना मेरे दिमाग में डर आता ।
मेरे हाथ पैर कांपने लगे ।
मेरे दिल में एक वहम हो गया कि कोई मेरा पीछा कर रहा है में बार बार पीछे घूम घूम कर देखता रहा को को है पर कुछ अवाजो के सिवाय कुछ नहीं दिखा।
 मैने भी गति को बढ़ाना शुरू किया और मेरे दिल का वहम मुझे अंदर ही अंदर से डर रहा था ।

मुझे तभी झाड़ियों में कुछ आवाज आयी ऐसा लग रहा था कि कोई इंसान पेड़ kaat रहा हो ।
परंतु इतनी रात को वहां जाने की हिम्मत किसके पास थी ।
मैने अनसुना कर के दौड़ लगना शुरू किया ।

मन ही मन में हनुमान चालीसा का पाठ कर रहा था ।

अच्चनक मेरा पर पेड़ की एक बेल पर फस गया मेरी हालत खराब हो गई में जोर से चिल्लाया ।
और तुरंत उछल के खड़ा हुआ और और भी तेजी से घर की ओर दौड़ा ।

समझ नहीं आया कि मुझे क्या हुआ है ।
पर दिल कह रहा था कि आप तो मुझे भूत ने पकड़ ही लिया ।

अब बड़ी मुश्किल से में घर पहुंच ही गया , ओर घर जाकर मैने चेन से सांस ली ।
मेरा हाथ पैर गिरने से छिल गए थे । और मुझे कोई दर्द का अनुभव नहीं था ।

बस बच कर निकालने की खुशी थी जो आप मेरे चहरे पे साफ देख सकते है ।

मै बहुत सोचता रहा मुझे रात को भी नींद नहीं अाई नींद में भी भूत की बाते आ रही थी ।

सुबह हो गई तब मैने चेन की सास ली और पप्रांत लिया कि कभी उस रास्ते अकेला नहीं आऊंगा ।

अब मुझे हाथ पैर में दर्द अनुभव हो रहा था , मुझे समझ आ गया कि जब कोई दर्द बड़ा होता है तो छोटे दर्द का अनुभव भी नहीं होता और यह ही मेरे साथ हुआ ।

भूत होते है या नहीं ये में नहीं कह सकता परंतु हमारे जीवन हमारे ज्यादा सोचना ही हम किसी भूत से भी ज्यादा डर सकता है ।

परंतु लोगो के अनुसार उस जंगल के रास्ते में भूत रहते है को ऐसे ही कुछ अवजो से लोगो को डराते है ।
पर मुझे की मुझे तो भूत से ज्यादा मेरे ही डर ने डर दिया ।

यह मेरे जीवन की एक सच्ची घटना है मुझे उम्मीद है कि आपको यह कहानी भूत कि कहानी पसंद आई होगी ।

कहानी पसंद आए तो कमेंट में जरूर बताए ।

अगर आपको भूत कि कहानी पसंद है तो आप कमेंट म जरूर बताए म आपके लिए ऐसे ही मजेदार भूतो के किस्से लाता रहूंगा ।

कृपया कहानी को अधिक से अधिक शेयर करे ।
जल्दी मिलेंगे एक नई कहानी के साथ ।
तब तक के लिए धन्यवाद ।

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