Mastram stories - आलस्य - hindi story | allstory

 Hindi story -अलसी गधा कि कहानी 

आलास इंसान ही भी जानवरो के लिए भी खराब है परंतु यदि कोई आलस्य से ग्रसित है तो हम उस केसे अलास से दूर कर सकते है ।

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जब तक किसी इंसान को किसी चीज की अहमियत पता नहीं होती तब तक वह उसकी कद्र नहीं करता। 

चलिए आपके कहानी सुनने शुरू करते है ।

अलसी गधा की कहानी - mastram hindi kahaniya 

एक गांव में एक  धोबी का अलसी गधा था दिन भर वह सोया रहत ओर भूसा खाता ।

जब भी धोबी उस काम ओर ले जाने की कोशिश करता तो वो लेट जाता ,  धोबी उस बहुत  मारता ओर वह खड़ा नहीं होता वह बहुत ही ढित हो चुकी था ।

धोबी बहुत परेशान था कि उस कुछ काम भी करता ओर बस खाता रहता है ।

एक दिन धोबी को बहुत गुस्सा आ गया उसने गधे कि जंगल में ले जा के उसपर पत्थर लाद दिए , आदत के अनुसार गधा लेट गया । धोबी ने फिर से मारा पर गधा खड़ा नहीं हुआ ।


अब धोबी ने लादा हुए गधा ऐसे ही छोड़ दिया ओर घर ए गया । उस जंगल में बाघ भी रहता था , अब बाघ कि नजर गधे पर पड़ी , बाघ ने गधे कि तरह आना शुरू किया ।

गधे कि पता चल गया कि बाघ आ गया अब उसकी डर कर मरे हालत खराब हो गई उसने एक सांस में खड़ा हुआ ओर वहां से घर की ओर भागा ।

बाघ भी उसके पीछे आने लग गया पर गधे को अपनी  जान बचने का एक जुनून सवार हो गया था वो ओर तेज दौड़ने लगा ओर समान लेके घर में आ गया ।


अब जब धोबी ने देखा कि गधा घर आ गया तब वह सारी बात समझ गया उसने समान उतारा ओर आज गधे को ओर प्यार से चारा दिया ।

अब जब दूसरे दिन धोबी ने समान लादा तो गधा ले टा भी वह आराम से काम करने लगा गधा समाझ गया कि मेहनत तो करनी पड़ेगी उस दिन के बाद गधा ने कभी काम से जी नहीं चुराया। 

धोबी भी बहुत खुश था ओर वह गधे को ओर ज्यादा प्यार से खिलाने पिलाने लगा ।


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हम आलस नहीं करना चाहिए , जिस प्रकार जान पर बन आने  पर गधे ने ताकत का इस्तेमाल किया उसी प्रकार हम भी समय अनुसार ताकत का इस्तेमाल करना चाहिए ।

मुझे उम्मीद है दोस्तो आपको यह कहानी पसंद आई होगी , कहानी को ज्यादा से ज्यादा शेयर करे ।

यदि आप किसी ओर moral ओर कोई मोरल स्टोरीज पढ़नाचहते है तो कमेंट में जरूर बताए ।





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