Moral stories in Hindi : cup of tea : hindi stories

 Moral stories in Hindi : cup of tea : hindi stories




यह कहानी है एक चाय के कप की , चाय सभी को बहुत पसंद है तो चाय का कप की की कहनी हो सकती है आप सोच रहे होंगे। 

तो चलिए अपनी cup of tea की एक स्टोरी बताता  ।

Hindi stories : Cup of tea 

हमारे देश में  बच्चो कि बालिग २१ साल से या 18 साल से ही लड़कियों को बालिग में लिए जाता गए ।
अब सरकार के अनुसार ये बालिग बच्चे अपने लाइफ जिंदगी का फैसला खुद कर सकते है। 

परंतु क्या आप जानते है कि विदेशों में 13 साल से ही बच्चो को बालिग मान लिया जाता है ।
अब इसे में विदेशो में  माता पिता अपने बच्चों को कैसे कंट्रोल के सकते है । इसके लिए एक माता पिता ने चाय का सहारा लिए ।

एक लड़का  मोंटी 14 साल का ही चुका था वह अपने अधिकार खुद ले सकता था । इस बात ओर उसके माता पिता को लगा कि कहीं मेरे बेटा बिगड़ ना जाए इस लिए उसके माता पिता ने एक प्लान बनाया। 

एक दिन उनके बेटे की थोड़े  कमज़री के कारण चक्कर आ गए ओर  मोंटी के माता पिता के हाथ लग गया एक मौका  ।

अब उन्होंने बहुत ड्रामा शुरू कर दिया ओर मोंटी की कहा की बेटा तुम बहुत बीमार हो ओर यह तुम्हारी दवाई है ।
ओर दवाई कि जगह में मोंटी की चाय पिलाई जा रही थी। 

मोंटी भी बहुत घबरा गया ओर उस चाय का स्वाद पसंद भी आ रहा था तो दवाई के लिए उस चाय  पिलाई जा रही थी। 

अब मोंटी के माता पिता उसे रोज बोलते की बेटा घर जल्दी आना समय से दवाई पीना वरना तुम बीमार जो जाओगे 

तुम्हारी मौत भी हो सकती है ।
मोंटी बहुत घबरा गया ओर अब वह ज्यादा बाहर भी नहीं रहता था , अपने दोस्तो के साथ बहुत कम घूमता था। 
मोंटी के माता पिता बहुत खुश थे की उनका बेटा गलत संगति में नहीं है। 

मोंटी का एक दोस्त इंडिया से था तो उनके घर में लुगभग रोज चाय बनती थी ।
एक दिन मोंटी अपने दोस्त के घर गया , ओर उसके दोस्त ने चाय बना दी । मोंटी की दवाई लेने का समय था तो उसने तुरंत चाय पी ली ।

अब जब उसने देखा कि उसका दोस्त भी चाय पी रहा है तो उसकी समझ नहीं आया । उसने तुरन्त पूछा कि दोस्त तुम भी बीमार हो गया ।
मै इस दवाई को कुछ साल से पी रहा हूं । क्या तुम भी बीमार हो ।

अब ऐसा सुन कर मोंटी का दोस्त हसने लगा ओर बोला दोस्त ये कोई दवाई भी खाने का सामान है इसे चाय बोलते है यह हमारे देश में बहुत प्रसिद्ध है ।


मोंटी के समझ में कुछ भी आया । अब मोंटी के माता पिता की कॉल भी आने लग गई । मोंटी के माता पिता बोले बेटा दवाई के समय हो गया है घर आ जाओ ।

इस बात ओर मोंटी को बहुत गुस्सा आ गया था । मोंटी घर गया ओर बोला की मां मुझे कोन सी बीमारी है जरा बताओ ।
इस बात पर मोंटी की मां थोड़ी हिचक गई ओर बोली कि एक भयंकर बीमारी है ।

अब मोंटी बोला की क्या यह बीमारी एक cup of tea से ठीक हो जाएगी क्या। । 
अब उसकी मा समझ गई कि मोंटी सब कुछ जान चूका है ।
अब सब बताना पड़ेगा ।

अब मोंटी की मा ने सब सच सच बता दिया कि  हमने ऐसा क्यों किया ।
इस बात पर मोंटी गुस्सा हुआ पर अपने माता पिता के लिए वह उनकी बात मान गया ।

वह इतना समझ चुका था कि उसके माता पिता बस उसका भला चाहते है ।
अब उसके माता पिता ने मोंटी को चाय पिलाना बंद कर दिया ओर उस अपनी जिंदगी के फैसले खुद करने को कहा। 

Hindi kahani - Cup of tea 


बच्चो को कंट्रोल करने के लिए उन्हें झुट बोलना ओर  डराना सही नहीं है । क्यों की आपके संस्कार ही अपने बच्चो को सही रास्ते पर चलने की समझ देते है ।
यदि आपके बच्चे को सही परवरिश मिली है तो उसपर रोक टोक लगाने का कोई फायदा नहीं है ।


Read also -



Post a Comment

0 Comments